{"_id":"653b3f7f6bce3b9e4d0eeb88","slug":"ayodhya-news-common-people-will-not-be-able-to-have-darshan-of-ramlala-on-the-day-of-pran-pratistha-2023-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News : प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन आम लोग नहीं कर सकेंगे रामलला के दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News : प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन आम लोग नहीं कर सकेंगे रामलला के दर्शन
Fri, 27 Oct 2023 10:11 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 27 Oct 2023 10:11 AM IST
सार
अनुष्ठान में सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे। परिसर में मौजूद वीआईपी ही रामलला के दर्शन कर पाएंगे। यह जानकारी गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दी।
विज्ञापन
रामलला।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन 22 जनवरी को आम नागरिक रामलला के दर्शन नहीं कर पाएंगे। वीआईपी प्रोटोकाॅल के चलते इस दिन राममंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। इसी दिन रामलला नए मंदिर में विराजेंगे। मुख्य यजमान पीएम नरेंद्र मोदी होंगे।
विज्ञापन
उनके साथ अनुष्ठान में सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे। परिसर में मौजूद वीआईपी ही रामलला के दर्शन कर पाएंगे। यह जानकारी गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्रस्ट का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। उन्होंने मंदिर निर्माण की पूरी जानकारी भी ली है। देश की समस्त परंपराओं के करीब चार हजार संत कार्यक्रम में आएंगे। लगभग हर जिले के साधु होंगे।
विज्ञापन
समारोह में वैज्ञानिक, उद्योगपति, चिकित्सक, इंजीनियर, सीए, कवि, लेखक, कलाकार, फिल्मकार, पत्रकार, वकील, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, कारसेवकों के परिवार शामिल होंगे। ऐसे करीब 2500 लोगों की सूची बनाई जा रही है।
बुजुर्ग समारोह में न आएं
चंपत राय ने बताया कि समारोह करीब तीन घंटे चलेगा। करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। ऐसे में बुजुर्ग कार्यक्रम में न आएं। साधु-संतों के साथ उनके शिष्य-सेवक नहीं जा पाएंगे। सुरक्षा कारणों से दंड, छत्र, चरणपादुका, चंवर आदि लेकर संत राम जन्मभूमि परिसर नहीं जा सकेंगे। राजनीतिक दलों के लोगों को भी बुलाएंगे, लेकिन जो हमारे मित्र हैं, उन्हें बुलाएंगे।