अयोध्या: राम मंदिर में लिफ्ट का निर्माण हुआ शुरू, इन श्रद्धालुओं को मिल सकेगा इस सुविधा का लाभ
Ayodhya Ram Temple: अयोध्या राम मंदिर में अब लिफ्ट का निर्माण होने जा रहा है। दो मंजिला मंदिर हो जाने की वजह से दिव्यांग व बुजुर्ग श्रद्धालुओं को ऊपर चढ़ने में दिक्कत के चलते यह फैसला लिया जा रहा है।
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राम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। राम मंदिर ट्रस्ट श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधाएं भी विकसित कर रहा है। इसी क्रम में मंदिर में लिफ्ट लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। मंदिर में तीन लिफ्ट लगाई जा रही है, जिससे दिव्यांग व बुजुर्ग श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
161 फीट ऊंचे तीन मंजिला राम मंदिर का निर्माण अप्रैल 2025 तक पूरा करने की योजना है। भूतल से लेकर दूसरे तल तक की कुल ऊंचाई 60 फीट से अधिक हो जाएगी। ऐसे में श्रद्धालुओं को भूतल से प्रथम और दूसरे तल पर जाने में कोई असुविधा ना हो राम मंदिर ट्रस्ट इसके लिए लिफ्ट भी लगवा रहा है। रामलला के दर्शन को बड़ी संख्या में वीआईपी श्रद्धालु भी आते हैं। इसके अलावा दिव्यांग व बुजुर्ग श्रद्धालु भी दर्शन को पहुंच रहे हैं। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए लिफ्ट की सुविधा ट्रस्ट की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।
श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया की मंदिर के पश्चिम दिशा में दो लिफ्ट का निर्माण किया जा रहा है। एक लिफ्ट 24 लोगों की क्षमता वाली होगी। वहीं उत्तर दिशा में छह लोगों की क्षमता वाली एक लिफ्ट का भी निर्माण किया जाना है। भूतल से प्रथम व प्रथम से दूसरे तल पर जाने के लिए मंदिर में सीढ़ियों का भी निर्माण किया जा रहा है। बताया की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ से पहले लिफ्ट का काम पूरा हो जाएगा।
राम मंदिर में वीआईपी दर्शन की होड़
राम मंदिर में वीआईपी श्रद्धालुओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। दर्शन की होड़ के चलते वीआईपी दर्शन के लिए बनाए गए स्लॉट की व्यवस्था अब नाकाफी साबित हो रही है। मंगलवार को वीआईपी दर्शन के सभी स्लॉट दोपहर 1:00 बजे तक ही फुल हो गए थे। वीआईपी दर्शन के लिए ट्रस्ट की ओर से सुगम व विशिष्ट दर्शन पास जारी किए जाते हैं। इसके लिए सात स्लॉट निर्धारित किए गए हैं। हर स्लॉट में 400 से अधिक पास जारी किए जाते हैं जो कि अब बढ़ती भीड़ के चलते कम पड़ जा रहे हैं। मंगलवार को दर्शन के सभी सातों स्लॉट दोपहर 1:00 बजे तक ही फुल हो गए थे। इसके चलते वीआईपी दर्शनार्थियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।