{"_id":"5dce5e4f8ebc3e54e10049d0","slug":"ayodhya-case-the-land-will-be-handed-over-to-the-trust-after-re-measurement","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या : दोबारा पैमाइश के बाद ट्रस्ट को सौंपी जाएगी जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या : दोबारा पैमाइश के बाद ट्रस्ट को सौंपी जाएगी जमीन
Fri, 15 Nov 2019 01:48 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 15 Nov 2019 01:48 PM IST
विज्ञापन
अयोध्याः रामलला की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या के अधिगृहीत परिसर स्थित विराजमान रामलला की जमीन की नए सिरे से पैमाइश किए जाने की तैयारी है। यह कार्रवाई सरकार की ओर से राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए जाने वाले ट्रस्ट को जमीन सौंपने के पहले जांच के मद्देनजर की जाएगी।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अपने फैसले में अधिगृहीत परिसर स्थित 2.77 एकड़ भूमि सरकार के बनाए जाने वाले ट्रस्ट को सौंपे जाने का आदेश दिया है। सरकार मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने की तैयारी कर रही है तो यहां प्रशासन भी जमीन ट्रस्ट को सौंपे जाने के पहले की तैयारी में जुट गया है।
विज्ञापन
हालांकि अधिगृहीत परिसर स्थित 2.77 एकड़ जमीन की सीमांकन करके पत्थर पहले ही लगाए गए हैं, लेकिन ट्रस्ट को जमीन सौंपने के पहले इसकी क्राॅस चेकिंग (पैमाइश) की जाएगी। सूत्रों की मानें तो इस पैमाइश के लिए विभाग गैर जनपदों के जानकार लोगों को लाना चाहता है।
विज्ञापन
न्यास बनने के साथ ही होगी आगे की कार्रवाई
इससे जुड़े कुछ लोग बुधवार शाम अयोध्या पहुंचे थे। जमीन की पैमाइश की तैयारी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से बृहस्पतिवार सुबह इसे स्थगित कर दिया गया।
इसकी आधिकारिक पुष्टि तो नहीं की जा रही है, लेकिन यह बात तय है कि अगले कुछ दिनों में प्रशासन नए सिरे से विराजमान रामलला की जमीन का सीमांकन कराकर मुतमईन होना चाहता है कि 2.77 एकड़ की जमीन का पहले किया गया सीमांकन ठीक है।
इस बाबत कमिश्नर व रिसीवर मनोज मिश्र ने कहा कि अधिगृहीत परिसर में 2.77 एकड़ जमीन अलग है। इस पर पत्थर लगाए गए हैं, लेकिन ट्रस्ट को जमीन सौंपने के पहले इसे जांचा जाएगा। न्यास बनने के साथ ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसकी आधिकारिक पुष्टि तो नहीं की जा रही है, लेकिन यह बात तय है कि अगले कुछ दिनों में प्रशासन नए सिरे से विराजमान रामलला की जमीन का सीमांकन कराकर मुतमईन होना चाहता है कि 2.77 एकड़ की जमीन का पहले किया गया सीमांकन ठीक है।
इस बाबत कमिश्नर व रिसीवर मनोज मिश्र ने कहा कि अधिगृहीत परिसर में 2.77 एकड़ जमीन अलग है। इस पर पत्थर लगाए गए हैं, लेकिन ट्रस्ट को जमीन सौंपने के पहले इसे जांचा जाएगा। न्यास बनने के साथ ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।