{"_id":"5d7fa3f98ebc3e93a45fc437","slug":"ayodhaya-up-sashan-gives-approval-to-acquire-land-for-sriram-airport","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या : श्रीराम एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीदने को मिली शासन से हरी झंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या : श्रीराम एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीदने को मिली शासन से हरी झंडी
Mon, 16 Sep 2019 08:32 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 16 Sep 2019 08:32 PM IST
सार
- 525 करोड़ रुपये से खरीदी जाएगी 80 हेक्टेयर जमीन
- रेट तय कर अनुमोदन के लिए शासन को भेजा गया था पत्र
- एयरपोर्ट के पास पहले से मौजूद है 177 एकड़ जमीन
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रस्तावित श्रीराम एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीद का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश शासन ने जमीन खरीद के लिए अनुमति दे दी है। जिला प्रशासन ने जमीनों का अंतिम सर्वे कराकर पत्र शासन को भेजा था। पहले चरण में एयरपोर्ट के लिए 525 करोड़ रुपये से 80 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण या क्रय किया जाएगा।
किसानों से रजिस्ट्री का काम अब शीघ्र होने की संभावना है। यह जमीनें एयरपोर्ट के पास स्थित दो गांवों की हैं। जमीन की व्यवस्था के लिए चार सौ करोड़ रुपये यहां पहले से उपलब्ध है। एयरपोर्ट विकसित होने से रामनगरी के साथ ही पूरे इलाके के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
अयोध्या स्थित हवाई पट्टी को सिविल एयरपोर्ट के रूप में आरसीएस योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इसका मास्टर प्लान एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया ने पहले ही तैयार कर लिया है। एयरपोर्ट की जमीन के लिए तहसील की टीम ने जमीन के सर्वे के साथ ही भूमि का मूल्यांकन करके रिपोर्ट दी थी। एयरपोर्ट के विस्तार के लिए तीन चरणों में कुल लगभग 464 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। मौजूदा समय में हवाई पट्टी के कब्जे में लगभग 177.62 एकड़ भूमि उपलब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों से रजिस्ट्री का काम अब शीघ्र होने की संभावना है। यह जमीनें एयरपोर्ट के पास स्थित दो गांवों की हैं। जमीन की व्यवस्था के लिए चार सौ करोड़ रुपये यहां पहले से उपलब्ध है। एयरपोर्ट विकसित होने से रामनगरी के साथ ही पूरे इलाके के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
विज्ञापन
अयोध्या स्थित हवाई पट्टी को सिविल एयरपोर्ट के रूप में आरसीएस योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इसका मास्टर प्लान एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया ने पहले ही तैयार कर लिया है। एयरपोर्ट की जमीन के लिए तहसील की टीम ने जमीन के सर्वे के साथ ही भूमि का मूल्यांकन करके रिपोर्ट दी थी। एयरपोर्ट के विस्तार के लिए तीन चरणों में कुल लगभग 464 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। मौजूदा समय में हवाई पट्टी के कब्जे में लगभग 177.62 एकड़ भूमि उपलब्ध है।
विज्ञापन
शेष जमीन की व्यवस्था अधिग्रहण या क्रय करके किया जाना जाना है। जमीने हवाई पट्टी के इर्द-गिर्द तीन गांवों की हैं। इनमें एयरपोर्ट से सटे जनौरा, गंजा और धर्मपुर सहादत शामिल हैं लेकिन प्रशासन ने पहले चरण में सहमति के आधार पर केवल दो गांवों जनौरा और गंजा की जमीन का सर्वे कराया है। धर्मपुर सहादत गांव के किसानों ने अपनी जमीन देने की सहमति नहीं दी थी।
जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट के लिए पहले चरण में गंजा और जनौरा की लगभग 80 हेक्टेयर भूमि को चिह्नित की है। सर्वे में जमीन के क्रय या अधिग्रहण के लिए इस पर मौजूद भवन और पेड़ों पर कुल लगभग 525 करोड़ रुपये का आंकलन किया गया था।
बताया गया है कि इसमें कुछ जमीन ग्राम समाज और शिक्षा विभाग की है इसका पुनग्रहण किया जाएगा। इन जमीनों का सर्किल रेट के हिसाब से मूल्यांकन करके लगभग महीने भर अनुमोदन के लिए पत्र शासन को भेज दिया गया।
शासन ने इसका परीक्षण कराकर एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीद की अनुमति प्रदान कर दी है। अब किसानों के अंश का निर्धारण करके जमीन ली जाएगी। एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के माडल के मुताबिक पहले यहां से छोटे विमान उड़ाए जाने की योजना है।
जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट के लिए पहले चरण में गंजा और जनौरा की लगभग 80 हेक्टेयर भूमि को चिह्नित की है। सर्वे में जमीन के क्रय या अधिग्रहण के लिए इस पर मौजूद भवन और पेड़ों पर कुल लगभग 525 करोड़ रुपये का आंकलन किया गया था।
बताया गया है कि इसमें कुछ जमीन ग्राम समाज और शिक्षा विभाग की है इसका पुनग्रहण किया जाएगा। इन जमीनों का सर्किल रेट के हिसाब से मूल्यांकन करके लगभग महीने भर अनुमोदन के लिए पत्र शासन को भेज दिया गया।
शासन ने इसका परीक्षण कराकर एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीद की अनुमति प्रदान कर दी है। अब किसानों के अंश का निर्धारण करके जमीन ली जाएगी। एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के माडल के मुताबिक पहले यहां से छोटे विमान उड़ाए जाने की योजना है।
एयरपोर्ट का विकास एएआई कराएगी, जमीन देगी प्रदेश सरकार
हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए जमीन की व्यवस्था प्रदेश सरकार को करना है। इसके तहत ही जमीन की व्यवस्था की जा रही है। हवाई पट्टी को लेकर एएआई और प्रदेश सरकार के बीच हुए समझौते के मुताबिक जमीन प्रदेश सरकार उपलब्ध कराएगी और एयरपोर्ट का विकास एयरपोर्ट अथारिटी करेगी।
प्रस्तावित एयरपोर्ट की जमीन के अधिग्रहण या क्रय के लिए भेजे गए पत्र पर प्रदेश शासन ने अनुमति प्रदान कर दी है। यह पत्र तहसील की टीम से अंतिम रूप से सर्वे और मूल्यांकन के आधार पर भेजा गया था। इसके तहत पहले चरण में दो गांवों की 80 हेक्टेयर भूमि के साथ भवन और पेड़ों का कुल मूल्यांकन 525 करोड़ रुपये किया गया है। इसी को अनुमति के लिए शासन को भेजा गया है। कहा कि अब किसानों से जमीनों की रजिस्ट्री शुरू करा दी जाएगी।
- जेपी सिंह, भूमि अध्याप्ति अधिकारी अयोध्या
प्रस्तावित एयरपोर्ट की जमीन के अधिग्रहण या क्रय के लिए भेजे गए पत्र पर प्रदेश शासन ने अनुमति प्रदान कर दी है। यह पत्र तहसील की टीम से अंतिम रूप से सर्वे और मूल्यांकन के आधार पर भेजा गया था। इसके तहत पहले चरण में दो गांवों की 80 हेक्टेयर भूमि के साथ भवन और पेड़ों का कुल मूल्यांकन 525 करोड़ रुपये किया गया है। इसी को अनुमति के लिए शासन को भेजा गया है। कहा कि अब किसानों से जमीनों की रजिस्ट्री शुरू करा दी जाएगी।
- जेपी सिंह, भूमि अध्याप्ति अधिकारी अयोध्या