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महंगी होंगी आवास विकास की सम्पत्तियां
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 20 Feb 2014 09:52 AM IST
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आवास विकास परिषद की सम्पत्तियां खरीदना और महंगा हो गया है। अब 50 लाख
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रुपये से अधिक कीमत वाली सम्पत्तियों की खरीद पर आवंटी को एक प्रतिशत
टीडीएस अदा करना होगा।
यह व्यवस्था जून 2013 से लागू की गई है। इसके चलते अब उन आवंटियों को भी टीडीएस देना होगा जिनको इस अवधि से पहले सम्पत्ति आवंटित हुई है और किस्तें अभी तक चल रही हैं।
टीडीएस का पैसा आवंटी को ही परिषद के पैन नंबर पर जमा करना होगा और इसके जमा करने का प्रमाण देने के बाद ही सम्पत्ति की रजिस्ट्री परिषद करेगा।
चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक तो परिषद ने मेट्रो के चलते राजधानी में अवध विहार व वृंदावन योजना में जमीन के रेट ही 2000 रुपये प्रतिवर्ग मीटर बढ़ाए थे।
अब 50 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली आवासीय और व्यावसायिक सम्पत्तियों पर एक प्रतिशत टीडीएस जमा करने का बोझ और डाल दिया है।
इससे आंवटियों पर दोहरा बोझ पड़ रहा है। जमीन के रेट बढ़ने के बाद मकान और फ्लैट पहले ही महंगे हो चुके हैं, अब यह एक और भार आवंटियों पर परिषद ने डाल दिया है।
इस सम्बंध में परिषद सचिव रुद्र प्रताप सिंह की ओर से आदेश भी एक सप्ताह पहले जारी कर दिया गया है।
इसमें प्रदेश भर के परिषद अधिकारियों को इस पर अमल कर निर्देश दिया गया है। इसमें यह साफ कर दिया गया है कि ओदश कब से और किस तरह लागू होगा।
आवंटी टीडीएस जमा करने में ढिलाई न करने इसके लिए यह शर्त भी लगा दी गई कि सम्पत्ति की रजिस्ट्री आवंटी को तभी की जाएगी जब वह टीडीएस जमा करने का प्रमाण पत्र परिषद में जमा कर देगा।
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आदेश में ये हैं प्रावधान
50 लाख रुपये अधिक कीमत की सम्पत्ति पर देना होगा एक प्रतिशत टीडीएस। 1 जून 2013 से प्रभावी होगी टीडीएस जमा करने की व्यवस्था।
टीडीएस जमा करने का प्रमाण देने के बाद ही होगी सम्पत्तियों की रजिस्ट्री। प्रभावी तिथि के बाद अब तक जमा हुई किश्तों पर भी देना होगा टीडीएस।
विलम्ब से टीडीएस जमा करने लगने पर ब्याज आवंटी को ही जमा करना होगा। इस पैन नम्बर ‘एएएजेयू 0103ए’ पर जमा करना होगा।
यह व्यवस्था जून 2013 से लागू की गई है। इसके चलते अब उन आवंटियों को भी टीडीएस देना होगा जिनको इस अवधि से पहले सम्पत्ति आवंटित हुई है और किस्तें अभी तक चल रही हैं।
टीडीएस का पैसा आवंटी को ही परिषद के पैन नंबर पर जमा करना होगा और इसके जमा करने का प्रमाण देने के बाद ही सम्पत्ति की रजिस्ट्री परिषद करेगा।
चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक तो परिषद ने मेट्रो के चलते राजधानी में अवध विहार व वृंदावन योजना में जमीन के रेट ही 2000 रुपये प्रतिवर्ग मीटर बढ़ाए थे।
अब 50 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली आवासीय और व्यावसायिक सम्पत्तियों पर एक प्रतिशत टीडीएस जमा करने का बोझ और डाल दिया है।
इससे आंवटियों पर दोहरा बोझ पड़ रहा है। जमीन के रेट बढ़ने के बाद मकान और फ्लैट पहले ही महंगे हो चुके हैं, अब यह एक और भार आवंटियों पर परिषद ने डाल दिया है।
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इस सम्बंध में परिषद सचिव रुद्र प्रताप सिंह की ओर से आदेश भी एक सप्ताह पहले जारी कर दिया गया है।
इसमें प्रदेश भर के परिषद अधिकारियों को इस पर अमल कर निर्देश दिया गया है। इसमें यह साफ कर दिया गया है कि ओदश कब से और किस तरह लागू होगा।
आवंटी टीडीएस जमा करने में ढिलाई न करने इसके लिए यह शर्त भी लगा दी गई कि सम्पत्ति की रजिस्ट्री आवंटी को तभी की जाएगी जब वह टीडीएस जमा करने का प्रमाण पत्र परिषद में जमा कर देगा।
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आदेश में ये हैं प्रावधान
50 लाख रुपये अधिक कीमत की सम्पत्ति पर देना होगा एक प्रतिशत टीडीएस। 1 जून 2013 से प्रभावी होगी टीडीएस जमा करने की व्यवस्था।
टीडीएस जमा करने का प्रमाण देने के बाद ही होगी सम्पत्तियों की रजिस्ट्री। प्रभावी तिथि के बाद अब तक जमा हुई किश्तों पर भी देना होगा टीडीएस।
विलम्ब से टीडीएस जमा करने लगने पर ब्याज आवंटी को ही जमा करना होगा। इस पैन नम्बर ‘एएएजेयू 0103ए’ पर जमा करना होगा।