रिहायशी भूखंड पर चल रहे छह अवैध शादीघर सील, इन पर हुई कार्रवाई
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इन्हें बंद करने के लिए परिषद ने सितंबर में नोटिस जारी किया था। उसके बाद भी भवनस्वामियों ने उनको बंद नहीं किया। इससे पहले परिषद ने लाइसेंस निरस्त करने के लिए भी पत्र लिखा था। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि शादीघर अवैध हैं, ऐसे में वहां बुकिंग न कराई जाए।
इसको लेकर परिषद ने सार्वजनिक सूचना भी प्रकाशित कराई थी। सीलिंग के दौरान पुलिस और मजिस्ट्रेट मौजूद रहें। जिसके बाद परिषद अब उनको सील कर दिया। शादी की बुकिंग होने के कारण परिषद को यह कार्यवाही दो बार मेें करनी पड़ी।
अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई
बड़ा सवालः अब तक कार्रवाई क्यों नहीं
परिषद ने जिन छह शादीघरों को सील किया है, उनका पिछले दस साल से अवैध संचालन हो रहा है। सेक्टर 13 और 15 में आवासीय भूखंड पर छह लोगों ने बिना परिषद की अनुमति लिए शादीघर बना लिया। नोटिस जारी की गई तो सिफारिश व दबाव बढ़ने लगा। तीन महीने पहले फिर नोटिस जारी की गई, लेकिन कोई असर नहीं दिखा।
संचालकों को मौका दिया गया कि वे खुद अपना निर्माण ध्वस्त कर दें। इसके बावजूद किसी ने अमल नहीं किया। सवाल यह है कि आखिर कार परिषद किसके दबाव में काम कर रही, अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
...लेकिन इन पर कब होगी कार्रवाई
विकास नगर और इंदिरा नगर आवासीय योजना में भी कॉलोनी के अंदर शादीघर चल रहे हैं। उनका निर्माण आवास विकास परिषद की अनुमति के बिना किया गया है। आवासीय कॉलोनी के अंदर अवैध रूप से बने इन शादीघरों के कारण आसपास रहने वाले परेशान हैं। पार्किंग का कोई इंतजाम न होने के कारण सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी होती है। कुर्सी रोड के मामा चौराहे से विकास नगर को जाने वाले रोड पर सबसे अधिक शादीघर बने हैं।
दो बार में करनी पड़ी कार्रवाई
इन पर कार्रवाई
सूरज मुखी लॅान- 13/7136, सेक्टर 13गुडलक लॅान - 13/7145 सेक्टर 13
शहनाई गेस्ट - 13/7075 सेक्टर 13
बीके उत्सव पैलेस - 13/7087 सेक्टर 13
सत्संग हाल/ मैरिज हॉल - डी-164 सेक्टर 15
आवासीय भूखंड पर कॉलोनी के अंदर अवैध रूप से चल रहे शादी घर सील कर दिए गए हैं। नोटिस दी गई, लेकिन बंद नहीं किया गया। इस कारण परिषद ने सीलिंग की कार्रवाई की। वैवाहिक आयोजन की बुकिंग के चलते दो बार में कार्रवाई करनी पड़ी। ताकि अनजाने में किसी को परेशानी उठानी पड़े। वैसे अवैध शादीघरों में बुकिंग न कराई जाए, इसको लेकर एक महीने पहले ही सार्वजनिक सूचना जारी कर दी गई थी। - एचएस शर्मा, अधिशासी अभियंता, आवास विकास