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Lucknow News: छह महीने बाद जागे जिम्मेदार, पारिवारिक न्यायालय में बना रैंप

Thu, 11 Jun 2026 02:25 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 02:25 AM IST
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Authorities wake up after six months; ramp constructed at the Family Court.
पारिवारिक न्यायालय में बनाया गया रैंप।
लखनऊ। लालबाग स्थित पारिवारिक न्यायालय में दिव्यांगों के लिए रैंप बनवाने में जिम्मेदारों को छह महीने लग गए। अमर उजाला ने 29 नवंबर से 14 दिसंबर तक इस पर लगातार खबरें प्रकाशित की, जिसके बाद यह कवायद हुई है। वहीं, इसके लिए आवाज उठाने वाली इंदिरानगर निवासी दिव्यांग पीड़िता जॉली मोहन ने कहा कि कायदे से इस पर तुरंत एक्शन होना चाहिए था, लेकिन देर से ही सही, काम हुआ, इसकी खुशी है। अब उनकी तरह अन्य लोगों को परेशानी नहीं होगी।
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लालबाग स्थित पारिवारिक न्यायालय में दिव्यांगों के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं। इससे दिव्यांग पीड़ितों को न्याय की चौखट पर ठोकरें खानी पड़ती थीं। रैंप या लिफ्ट न होने से सुनवाई के लिए उन्हें भवन के प्रथम तल पर पहुंचना बहुत भारी पड़ता था। दिसंबर में जॉली मोहन ने पारिवारिक न्यायालय और कैसरबाग स्थित मध्यस्थता केंद्र में रैंप बनाने के लिए सीएम और डीएम को पत्र लिखा था।
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साथ ही, अमर उजाला के जरिये जिम्मेदारों से मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की थी। रैंप के लिए बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सरोज शुक्ला और मध्यस्थ विनय कृष्ण पांडेय ने भी अमर उजाला के जरिये मांग उठाई थी।
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एडीआर सेंटर में राहें अभी मुश्किलों भरी
कैसरबाग स्थित वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र (एडीआर) में अब भी रैंप व अन्य सुविधाएं नहीं हैं। यहां दिव्यांगों की राहें मुश्किलों भरी हैं। दिव्यांग पीड़ितों को दूसरे के सहारे सुनवाई के लिए कक्ष में पहुंचना पड़ता है।
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