{"_id":"6883eaf87b7099571102cf0d","slug":"attempt-to-usurp-property-of-elderly-man-and-his-sister-with-fake-documents-lucknow-news-c-13-knp1050-1308423-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: फर्जी दस्तावेज से बुजुर्ग, उनकी बहन की संपत्ति हड़पने की कोशिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: फर्जी दस्तावेज से बुजुर्ग, उनकी बहन की संपत्ति हड़पने की कोशिश
विज्ञापन
लखनऊ। नई दिल्ली के चितरंजन पार्क निवासी सजल मित्रा ने तीन लोगों पर उनकी व बहन की लखनऊ की संपत्ति हड़पने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार को डीसीपी सेंट्रल डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव के आदेश पर महानगर पुलिस ने तीन के खिलाफ धोखाधड़ी और संपत्ति हड़पने की धारा में एफआईआर की।
61 वर्षीय सजल के मुताबिक निशातगंज में उनके पैतृक घर व प्लॉट हैं। बीएचयू से प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त उनकी बहन डॉ. रंजना अविवाहित थी, जिनकी 22 मार्च 2013 में मृत्यु हो गई। उनकी भी महानगर में संपत्ति है। बहन की संपत्ति के वारिस भी वह हैं।
सजल ने बताया कि 16 जून को लखनऊ नगर निगम कार्यालय से उनके पास कॉल आई। कर्मचारी ने बताया कि महानगर स्थित उनके व बहन के मकान के नामांतरण के लिए नोएडा सेक्टर 50 कैलाश धाम निवासी उषा भट्टाचार्य, दिल्ली के गणेश नगर के प्रवीण कुमार और पंकज ने पत्र दाखिल किया है। सजल अगले दिन कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि नामांत्रण पत्र में उनके फर्जी हस्ताक्षर थे। दस्तावेज भी जाली थे।
विज्ञापन
गैंग बनाकर ठगी करने का आरोप
सजल का आरोप है कि जब उन्होंने आरोपियों से संपर्क कर विरोध जताया तो वे हत्या करने की धमकी देने लगे। आरोप है कि जालसाज ऐसे बुजुर्गों को चुनते हैं, जिनकी कोरोना काल के दौरान मृत्यु हो गई हो। फिर उनके नाम के फर्जी कागजात तैयार कर संपत्ति हड़प लेते हैं। इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार मिश्रा के मुताबिक दरोगा गजेंद्र सिंह विवेचना कर रहे हैं। पीड़ित को बयान के लिए बुलाया जाएगा। बयान और साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
61 वर्षीय सजल के मुताबिक निशातगंज में उनके पैतृक घर व प्लॉट हैं। बीएचयू से प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त उनकी बहन डॉ. रंजना अविवाहित थी, जिनकी 22 मार्च 2013 में मृत्यु हो गई। उनकी भी महानगर में संपत्ति है। बहन की संपत्ति के वारिस भी वह हैं।
विज्ञापन
सजल ने बताया कि 16 जून को लखनऊ नगर निगम कार्यालय से उनके पास कॉल आई। कर्मचारी ने बताया कि महानगर स्थित उनके व बहन के मकान के नामांतरण के लिए नोएडा सेक्टर 50 कैलाश धाम निवासी उषा भट्टाचार्य, दिल्ली के गणेश नगर के प्रवीण कुमार और पंकज ने पत्र दाखिल किया है। सजल अगले दिन कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि नामांत्रण पत्र में उनके फर्जी हस्ताक्षर थे। दस्तावेज भी जाली थे।
विज्ञापन
गैंग बनाकर ठगी करने का आरोप
सजल का आरोप है कि जब उन्होंने आरोपियों से संपर्क कर विरोध जताया तो वे हत्या करने की धमकी देने लगे। आरोप है कि जालसाज ऐसे बुजुर्गों को चुनते हैं, जिनकी कोरोना काल के दौरान मृत्यु हो गई हो। फिर उनके नाम के फर्जी कागजात तैयार कर संपत्ति हड़प लेते हैं। इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार मिश्रा के मुताबिक दरोगा गजेंद्र सिंह विवेचना कर रहे हैं। पीड़ित को बयान के लिए बुलाया जाएगा। बयान और साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी।