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महिला दरोगा समेत पुलिस टीम पर हमला
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लखनऊ। गोसाईंगंज के दखिनवारा गांव में दो पक्षों में हो रही मारपीट के बीच पहुंची पुलिस टीम पर लोगों ने हमला बोल दिया। आरोपियों ने महिला दरोगा समेत पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। टीम पर हमले की सूचना पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा जिसे देखकर आरोपी भागने लगे। पुलिस ने मौके से आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य की तलाश की जा रही है। इस मामले में दरोगा की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।
प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र गिरी के मुताबिक, दखिनवारा निवासी कृष्णानन्द का सोमवार रात उसके भाई केदारनाथ से बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। बात बढ़ने पर दोनों ओर से महिलाओं समेत दो दर्जन से अधिक लोग सरिया, लाठी, डंडा, ईंट व पत्थर लेकर और भिड़ गए। ग्रामीणों की सूचना पर हल्का इंचार्ज ललित कुमार, महिला दरोगा नीरू यादव, महिला कांस्टेबल रश्मि सिंह व सिपाही रामसिंगार दुबे के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो दोनों पक्षों के लोग उग्र हो गए और पुलिस पर टूट पड़े। हालात बेकाबू देख हल्का इंचार्ज ने थाने पर फोन कर अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की। इसी बीच मारपीट में शामिल महिलाओं ने घेरकर महिला दरोगा नीरू, सिपाही रश्मि सिंह व रामसिंगार के साथ धक्का-मुक्की कर उन्हें गिरा दिया और उनके साथ मारपीट करने लगे।
आरोप है कि महिलाओं ने सिपाही रश्मि व रामसिंगार को दांत से काट लिया जिसमे दोनों के हाथ समेत शरीर पर चोटें आई हैं। सूचना पाकर इंस्पेक्टर शैलेंद्र गिरी भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस फोर्स देख आरोपी भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर सात महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार होने वालों में कृष्णानंद व उसकी पत्नी पुष्पा के अलावा केदारनाथ की पत्नी रामदुलारी व तीन बेटियों पूजा, आरती, रश्मि के साथ ही दो बहुएं सविता व खुशबू के नाम शामिल हैं। अन्य लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
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पुलिस ने मारपीट में घायल रामदुलारी, पूजा, आरती, सविता के साथ ही कांस्टेबल रामसिंगार व रश्मि सिंह को सीएचसी गोसाईंगंज पहुंचाया। बाकी चार आरोपियों को लेकर पुलिस थाने पहुंची। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद चारों महिलाओं को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने आठों को जेल भेज दिया। अन्य की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र गिरी ने बताया कि उपनिरीक्षक ललित कुमार की तहरीर पर 18 नामजद समेत 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है जिसमें आठ की गिरफ्तारी कर जेल भेजा गया है, अन्य की तलाश जारी है।
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प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र गिरी के मुताबिक, दखिनवारा निवासी कृष्णानन्द का सोमवार रात उसके भाई केदारनाथ से बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। बात बढ़ने पर दोनों ओर से महिलाओं समेत दो दर्जन से अधिक लोग सरिया, लाठी, डंडा, ईंट व पत्थर लेकर और भिड़ गए। ग्रामीणों की सूचना पर हल्का इंचार्ज ललित कुमार, महिला दरोगा नीरू यादव, महिला कांस्टेबल रश्मि सिंह व सिपाही रामसिंगार दुबे के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो दोनों पक्षों के लोग उग्र हो गए और पुलिस पर टूट पड़े। हालात बेकाबू देख हल्का इंचार्ज ने थाने पर फोन कर अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की। इसी बीच मारपीट में शामिल महिलाओं ने घेरकर महिला दरोगा नीरू, सिपाही रश्मि सिंह व रामसिंगार के साथ धक्का-मुक्की कर उन्हें गिरा दिया और उनके साथ मारपीट करने लगे।
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आरोप है कि महिलाओं ने सिपाही रश्मि व रामसिंगार को दांत से काट लिया जिसमे दोनों के हाथ समेत शरीर पर चोटें आई हैं। सूचना पाकर इंस्पेक्टर शैलेंद्र गिरी भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस फोर्स देख आरोपी भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर सात महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार होने वालों में कृष्णानंद व उसकी पत्नी पुष्पा के अलावा केदारनाथ की पत्नी रामदुलारी व तीन बेटियों पूजा, आरती, रश्मि के साथ ही दो बहुएं सविता व खुशबू के नाम शामिल हैं। अन्य लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
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पुलिस ने मारपीट में घायल रामदुलारी, पूजा, आरती, सविता के साथ ही कांस्टेबल रामसिंगार व रश्मि सिंह को सीएचसी गोसाईंगंज पहुंचाया। बाकी चार आरोपियों को लेकर पुलिस थाने पहुंची। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद चारों महिलाओं को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने आठों को जेल भेज दिया। अन्य की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र गिरी ने बताया कि उपनिरीक्षक ललित कुमार की तहरीर पर 18 नामजद समेत 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है जिसमें आठ की गिरफ्तारी कर जेल भेजा गया है, अन्य की तलाश जारी है।