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UP : पूर्व IAS रामविलास यादव की 20 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच, विजिलेंस ने किया था गिरफ्तार, ED एक्शन में

Thu, 06 Jul 2023 01:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 06 Jul 2023 01:46 AM IST
सार

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में यादव और उनके परिवार की 20 करोड़ से अधिक की संपत्ति को अटैच किया गया है। इनमें 18 करोड़ रुपये की चल और दो करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति हैं। ईडी ने यह कार्रवाई लखनऊ और उत्तराखंड के देहरादून में की है।

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Attached assets worth more than 20 crores of former IAS Ramvilas Yadav
सांकेतिक फोटो - फोटो : संवाद

विस्तार

उत्तराखंड प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भ्रष्टाचार के आरोपी पूर्व आईएएस रामविलास यादव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में यादव और उनके परिवार की 20 करोड़ से अधिक की संपत्ति को अटैच किया गया है। इनमें 18 करोड़ रुपये की चल और दो करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति हैं। ईडी ने यह कार्रवाई लखनऊ और उत्तराखंड के देहरादून में की है।

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मालूम हो कि लखनऊ के सोशल एक्टिविस्ट हेमंत मिश्रा की शिकायत पर उत्तराखंड सरकार ने विजिलेंस को जांच करने का आदेश दिया था। पिछले साल विजिलेंस की टीम ने आईएएस (अब सेवानिवृत्त) रामविलास यादव के लखनऊ के कई ठिकानों पर छापा मारा। जांच में सामने आया कि यादव की वर्ष 2013 से 2016 के बीच ज्ञात स्रोतों से कमाई 78 लाख रुपये थी। जबकि, यादव ने इस दौरान 21.40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस धन से लखनऊ और देहरादून में कई संपत्तियां जोड़ी थीं। जब विजिलेंस ने यादव से जवाब मांगा तो कोई उत्तर नहीं मिला। पिछले साल सेवानिवृत्त होने से सात दिन पहले 23 जून को करीब नौ घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। विजिलेंस ने चार्जशीट में यादव की संपत्ति को ज्ञात स्रोत से 2626 प्रतिशत अधिक बताया था।
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इस मामले में पिछले दिनों ईडी ने भी जांच शुरू की थी। 19 मई को सुद्धोवाला जेल से उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की थी। 23 मई को यादव को चार दिन की कस्टडी में लिया गया। इस दौरान लखनऊ और देहरादून में पूछताछ की गई। सभी संपत्तियों की मौके पर जाकर ईडी ने जांच की। ईडी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राम विलास यादव की संपत्तियों को अटैच करने की जानकारी दी गई है।
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गुडंबा में विद्यायल, पुरनिया का आवास अटैच
ईडी के अनुसार, अवैध रूप से कमाए गए धन से यादव ने परिवार के सदस्यों के नाम पर चार जमीनें और एक फ्लैट खरीदा था। इसके अलावा लखनऊ के अलीगंज के पुरनिया स्थित आलीशान बंगला, गुडंबा कुर्सी रोड स्थित जनता विद्यालय, भवन समूह और स्व. रामकरन दादा मेमोरियल ट्रस्ट गाजीपुर की इमारतों को बनाने में भी इस धन का इसतेमाल किया है। ईडी ने उनके परिवार के सदस्यों की 18.33 करोड़ की चल और लगभग 2.03 करोड़ की अचल संपत्ति को अटैच किया है। अचल संपत्तियों में विभिन्न बैंकों में परिवार के नाम की एफडी शामिल हैं। जबकि, अचल संपत्तियों में पैतृक गांव की जमीन शामिल है।

और भी संपत्तियां हो सकती हैं अटैच
ईडी के अनुसार, यादव की और भी संपत्तियों को अटैच किया जा सकता है। बता दें कि रामविलास यादव ने देहरादून में भी छह प्लॉट खरीदे थे। वह उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे। आईएएस बनने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे। कई साल तक उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव भी रहे।


शिकायत करने पर दर्ज कराए थे आठ मुकदमें
पूर्व आईएएस राम विलास यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत सोशल एक्टिविस्ट हेमंत मिश्रा ने की थी। उनके आय से पांच गुना संपत्ति का रिकाॅर्ड भी हेमंत ने विजिलेंस की टीम को उपलब्ध कराया था। इसकी जानकारी होने पर रसूख का इस्तेमाल कर पूर्व आईएएस राम विलास ने एक ही दिन में हेमंत के खिलाफ आठ मुकदमे दर्ज कराए थे। जिसमें अपने कई करीबियों को वादी बनाया। उस पर रंगदारी व धमकाने का आरोप लगाया था। जांच में मुकदमे गलत पाये गए। वहीं प्रभाव का इस्तेमाल कर शिकायत करने वाले को जेल भेजने की भी साजिश रची गई थी। इसमें कश्मिनरेट पुलिस के कई पुलिस अधिकारी शामिल थे। साजिश में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है।

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