छह घंटे चला एटीएस का ऑपरेशन : सुरक्षा बलों ने आधा किमी का इलाका सील कर ली तलाशी, रात में दिखा था संदिग्ध
एटीएस की टीम को पड़ताल के दौरान दो घरों के बीच में आने जाने के लिए एक लोहे का दरवाजा लगा मिला। उस पर ताला बंद था। जिसे देख टीम ने पहले तो उसे खोलने के लिए चाबी मांगी लेकिन, समय से नहीं मिला।
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काकोरी के अदनान पल्ली दुबग्गा बेगरिया में रविवार को एटीएस का ऑपरेशन आतंकी करीब छह घंटे चला। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से करीब आधा किलोमीटर का इलाका सुरक्षा बलों ने सील कर दिया। हर तरफ लोगों में हैरानी व दहशत का माहौल था। देखते ही देखते आतंकी छिपे होने की चर्चा आसपास इलाके में फैल गई। इस दौरान एटीएस ने आसपास के आठ घरों और एक कॉम्प्लेक्स को खाली करा लिया। हर तरफ इसी बात की चर्चा होने लगी थी कि कहीं हाजी कॉलोनी में एटीएस और आतंकी के बीच गोलियां न चले। लेकिन, सभी के कयास एक डेढ़ घंटे में खत्म हो गये। जब लोगों को पता चला कि आतंकियों को पहले पकड़ लिया गया है। सिर्फ तलाशी की जा रही है।
एटीएस अधिकारियों के मुताबिक काकोरी के दुबग्गा और मड़ियांव इलाके में अलकायदा के आतंकी होने का इनपुट मिला था। इसी के आधार पर एटीएस की टीम पिछले एक सप्ताह से लगातार निगरानी कर रही थी। पुष्टि होने के बाद एक साथ ऑपरेशन शुरू किया गया। एटीएस की टीम ने सुबह 10.30 बजे अदनान पल्ली इलाके के तीन संदिग्ध घरों की घेराबंदी शुरू की। हालांकि घर के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए एटीएस व क्राइम ब्रांच की एक टीम सुबह से ही लगी थी। इस टीम के इनपुट पर तीनों घरों के अगले हिस्से में एटीएस के कमांडो तैनात कर दिये गये। इसके बाद एटीएस टीम ने एक-एक कर तीनों घरों की तलाशी लेनी शुरू की।
बिगरिया के रहने वाले दो लोगों ने बताया कि जिन तीन मकानों पर रविवार को एटीएस ने छापा मारा, वहीं पर शनिवार रात करीब नौ बजे एक संदिग्ध युवक घूम रहा था। वह टहलते हुए फोन पर किसी से दुबग्गा व बाईपास के रास्ते कोे लेकर बात कर रहा था। बातचीत के लहजे से वह कहीं बाहर का लग रहा था। वो युवक देर रात तक वहीं टहलता रहा।
छावनी में बदला आधा किमी का इलाका
एटीएस कमांडो, कमिश्नरेट पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमों के पहुंचने के 15-20 मिनट के अंदर आधा किमी का इलाका छावनी में बदल गया। रविवार को कर्फ्यू होने के कारण बाजार तो बंद था, लेकिन फुटपाथ पर ठेले व ढाबे वाले अपनी दुकान खोलकर बैठे थे। पुलिस टीम ने एहतियातन पूरा इलाका खाली करना शुरू कर दिया। पुलिस व कमांडो की फौज की हरकत देखकर सभी अपना ठेला लेकर इधर-उधर भागने लगे। इसके बाद सभी के आने जाने पर रोक लगा दी गई। इसके बाद टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। पहले मिनहाज को गिरफ्तार कर टीम एटीएस मुख्यालय लेकर चली गई। इसके बाद अंदर रखे विस्फोटक की तलाश शुरू की गई।
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दो घरों के बीच लगा था लोहे का दरवाजा
एटीएस की टीम को पड़ताल के दौरान दो घरों के बीच में आने जाने के लिए एक लोहे का दरवाजा लगा मिला। उस पर ताला बंद था। जिसे देख टीम ने पहले तो उसे खोलने के लिए चाबी मांगी लेकिन, समय से नहीं मिला। इसके बाद एटीएस टीम ने गैस कटर से लोहे के दरवाजे को काटा फिर दूसरे घर में प्रवेश किया। यह दरवाजा मिनहाज अहमद ने सुरक्षा की दृष्टि से बनवा रखा था। ताकि किसी विशेष परिस्थिति में इस दरवाजे का प्रयोग कर दूसरे घर के रास्ते भागा जा सके। पूछताछ में सामने आया कि इसकी चाबी भी मिनहाज ही अपने पास रखता था।
सुबह कुछ लोगों के जाने की बात सामने आई
एटीएस के ऑपरेशन के दौरान वहां मौजूद लोगों ने बताया कि रविवार सुबह करीब 6 बजे एक गाड़ी पर चार से पांच लोग निकले थे। जो अभी तक वापस नहीं आये। वहीं कुछ दूर पर पान की दुकान लगाने वाले ने बताया कि कई दिनों से यह लोग रुके थे। शुक्रवार देर शाम को अंतिम बार दिखाई दिए थे, लेकिन वह अब वह नजर नहीं आ रहे हैं।
शाम को 4.30 बजे खत्म हुआ आपरेशन
दोनों आतंकियों को पकड़ने और तलाशी के बाद शाम करीब साढे़ चार बजे ऑपरेशन समाप्त हुआ। सबसे आखिर में संदिग्ध तीन घरों की तलाशी के बाद बरामद किया गया कुकर बम, विस्फोटक और अन्य संदिग्ध सामग्री एटीएस टीम ने बाहर निकाली। वहीं देर शाम तक एटीएस की टीम ने तीनों घरों को घेर रखा था।