अबु जैद बोला, फेसबुक पर जेहाद का वीडियो और पोस्ट पढ़ने में आता था मजा
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एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि पूछताछ में जैद ने स्वीकार किया है कि उसने अन्य युवकों को भी साथ जोड़ने के लिए काम किया।
उसने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया पर जेहाद से जुड़े लोगों का एक ग्रुप बनाकर उस पर जेहादी वीडियो और साहित्य डाला जाता था। ताकि अधिक से अधिक लोगों को आंतकी गतिविधियों से जोड़ा जा सके। इस ग्रुप पर सिर्फ नए लड़कों को साथ जोड़ने को लेकर ही बातचीत होती थी।
जैद ने पुलिस को यह भी बताया है कि फरवरी-2017 में ‘टेलीग्राम एप’ के जरिए उसकी दोस्ती बिजनौर निवासी नाजिम उर्फ उमर से हुई थी। जो मुंबई में रहता था। उसने बताया कि 2009 में वह वर्किंग वीजा पर रियाद (सऊदी अरब) गया था और पिछले 6-7 महीने से वह भारत आने-जाने लगा था।
वह जिस कंपनी से जुड़ा था उस कंपनी के पास कोई काम नहीं होने से उसे वेतन नहीं मिल रहा था, जिससे वह परेशान था। जीशान आदि दोस्तों की गिरफ्तारी का मामला ठंडा पड़ने पर वह अपने घर आजमगढ़ आ रहा था जब मुंबई में पुलिस के हत्थे चढ़ गया।