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Lucknow News: एटीएम से नहीं निकले पैसे, खाते से कट गए
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। एक युवक ने एटीएम से दस हजार निकालने के लिए कार्ड लगाया लेकिन पैसे नहीं निकले। इसके बावजूद उसके खाते से दस हजार रुपये कट गए। इस पर युवक ने अपने बैंक और जिस बैंक का एटीएम था, वहां शिकायत दर्ज कराई। कोई सुनवाई न होने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय की अदालत में गुहार लगाई। आयोग ने आदेश पारित कर बैंक को 10 हजार रुपये ग्राहक को लौटने के साथ ही 10 हजार रुपये मानसिक कष्ट के लिए और पांच हजार रुपये वाद व्यय के लिए अतिरिक्त देने को आदेश सुनाया है।
निशातगंज के बाबा का पुरवा निवासी पिंटू श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि उनका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा की निशातगंज शाखा में है। इसी बैंक से उन्हें एटीएम कार्ड भी जारी हुआ था। 25 फरवरी 2016 को पिंटू ने स्टेट बैंक की गोंडा स्थित करनैलगंज शाखा के एटीएम से 10 हजार रुपये निकालने के लिए कार्ड लगाया। पैसे तो नहीं निकले लेकिन खाते से 10 हजार रुपये कट गए।
इसकी शिकायत स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की संबंधित शाखाओं में की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। 7 जून 2016 को उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय की अदालत में शिकायत की। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश पारित किया है कि संबंधित बैंक एकल या संयुक्त रूप से 30 दिन के भीतर परिवादी को 10 हजार रुपये का भुगतान नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से करें। साथ ही मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार व वाद व्यय के लिए 5 हजार अतिरिक्त का भुगतान करें।
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निशातगंज के बाबा का पुरवा निवासी पिंटू श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि उनका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा की निशातगंज शाखा में है। इसी बैंक से उन्हें एटीएम कार्ड भी जारी हुआ था। 25 फरवरी 2016 को पिंटू ने स्टेट बैंक की गोंडा स्थित करनैलगंज शाखा के एटीएम से 10 हजार रुपये निकालने के लिए कार्ड लगाया। पैसे तो नहीं निकले लेकिन खाते से 10 हजार रुपये कट गए।
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इसकी शिकायत स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की संबंधित शाखाओं में की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। 7 जून 2016 को उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय की अदालत में शिकायत की। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश पारित किया है कि संबंधित बैंक एकल या संयुक्त रूप से 30 दिन के भीतर परिवादी को 10 हजार रुपये का भुगतान नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से करें। साथ ही मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार व वाद व्यय के लिए 5 हजार अतिरिक्त का भुगतान करें।
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