बेटे के खिलाफ मामला दर्ज होने से परेशान था माफिया अतीक अहमद, बचाने के लिए पुलिस पर डाला दबाव
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राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर में रीयल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को गुर्गों से अगवा कराकर देवरिया जेल में बंधक बनाकर पीटने और रंगदारी वसूलने के मामले में बेटे उमर की नामजदगी से माफिया अतीक अहमद बेहद परेशान था। खुद सलाखों के पीछे रहकर बेटे को बचाने की जुगत लगा रहा था।
पुलिस ने अतीक समेत आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने के साथ नामजद उमर की संलिप्तता की पड़ताल जारी होने की बात कही थी। मालूम हो कि आलमबाग के विश्वेश्वरनगर निवासी रीयल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल ने 28 दिसंबर 2018 को कृष्णानगर थाने में माफिया अतीक अहमद, उसके बेटे उमर, गुर्गे फारूक, जकी अहमद, जफर उल्लाह, गुलाम सरवर आदि के खिलाफ लूट, गुंडा टैक्स वसूलने व अन्य संगीन धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोप था कि देवरिया जेल में बंद अतीक अहमद ने अपने गुर्गे फारूक और जकी अहमद की मदद से 26 दिसंबर 2018 को उसे अगवा कराया। दोनों गुर्गे उसे देवरिया जेल में अतीक के बैरक में ले गए। वहां अतीक, उसके बेटे उमर और गुर्गों ने बेतहाशा पीटा। अंगुलियों की हड्डियां तोड़ डालीं।
यातनाएं देने के बाद मोहित से उसकी कंपनी एमजे इंफ्रा हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्राग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा लैंड और एमजे इंफ्रा स्टेट प्राइवेट लिमिटेड को फारूख और जकी अहमद के नाम स्थानांतरित करने के दस्तावेज पर दस्तखत कराए। इतना ही नहीं दस्तावेज पर मोहित से कंपनी में साझीदार अपनी बहन आरती जायसवाल के भी दस्तखत बनवाए। गुर्गों ने मोहित को उसके घर के बाहर छोड़ा और उसकी एसयूवी लूट ले गए।
पुलिस ने बरामद की थी लूटी हुई एसयूवी
इस मामले में कृष्णानगर के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक यशकांत सिंह ने अतीक के गुर्गे गुलाम मोइनुद्दीन और इरफान को गिरफ्तार करके मोहित से लूटी एसयूवी बरामद की। अन्य की तलाश में प्रयागराज में उनके ठिकानों पर दबिश दी और देवरिया जेल में अतीक के साथ बंद उसके गुर्गों की पहचान की गई।
शासन के आदेश पर अतीक को देवरिया से बरेली जेल स्थानांतरित किया गया। पुलिस ने अतीक, उसके गुर्गे मुख्तार, आलमगीर, बरकत अली, दयानंद, गुलाम सरवर, गुलाम मोइनुद्दीन और इरफान के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। आरोपी फारूक, जफर और जकी अहमद को इलाहाबाद जेल से तलब कराने के लिए बी-वारंट की अर्जी दी।
जेल में तहकीकात करने गई पुलिस टीम पर भी बनाया दबाव
नामजद आरोपी मो. उमर पर कार्रवाई के सवाल पर पुलिस अफसर सफाई दे रहे थे कि वह देवरिया जेल में बंद अपने पिता अतीक अहमद से मुलाकात करने गया था। कारोबारी मोहित जायसवाल को बैरक में बंधक बनाकर पीटने, दस्तावेजों पर दस्तखत कराने और रंगदारी वसूलने में उसकी संलिप्तता की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना था कि मो. उमर के खिलाफ पहला मामला दर्ज होने से अतीक बेहद परेशान था। उसने जेल में तहकीकात करने गई पुलिस टीम पर भी दबाव बनाया और कद्दावर लोगों के जरिये बेटे को बचाने के प्रयास में था। प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश ने अतीक की बेचैनी बढ़ा दी है।