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वाजपेयी की भतीजी ने कांग्रेसियों को सिखाए जीत के फंडे, छत्तीसगढ़ के पैटर्न पर हो रहा काम
Mon, 04 Mar 2019 03:30 PM IST
Prabudhh Jain
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Prabudhh Jain
Updated Mon, 04 Mar 2019 03:30 PM IST
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अटलजी
- फोटो : डेमो
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पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी व पूर्व सांसद करुणा शुक्ला ने रविवार को यहां कांग्रेसियों को बूथ जीतने के फंडे सिखाए। लोकसभा व विधानसभा प्रभारियों को हर बूथ पर कम से कम पांच समर्पित कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करने के लिए कहा।
यूपी कांग्रेस मुख्यालय पर उन्होंने लोकसभा व विधानसभा प्रभारियों को ट्रेनिंग दी। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में करुणा वहां के तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ प्रत्याशी थीं। वह खुद तो नहीं जीत सकीं, पर कांग्रेस का छत्तीसगढ़ में काफी अच्छा प्रदर्शन रहा।
इसे ध्यान में रखते हुए यूपी लोकसभा चुनाव में करुणा शुक्ला की मदद ली जा रही है। करुणा शुक्ला ने कहा कि पार्टी को बूथ को अपने पक्ष में करने का प्रयास करना चाहिए।
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यूपी कांग्रेस मुख्यालय पर उन्होंने लोकसभा व विधानसभा प्रभारियों को ट्रेनिंग दी। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में करुणा वहां के तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ प्रत्याशी थीं। वह खुद तो नहीं जीत सकीं, पर कांग्रेस का छत्तीसगढ़ में काफी अच्छा प्रदर्शन रहा।
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इसे ध्यान में रखते हुए यूपी लोकसभा चुनाव में करुणा शुक्ला की मदद ली जा रही है। करुणा शुक्ला ने कहा कि पार्टी को बूथ को अपने पक्ष में करने का प्रयास करना चाहिए।
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बूथवार करें रिपोर्ट तैयार
यह तभी संभव है, जब हर बूथ पर कम से कम पांच ऐसे कार्यकर्ता हों, जो कांग्रेस की नीतियों और भाजपा सरकार की कमियों को मतदाताओं तक पहुंचाएं। लोकसभा व विधानसभा प्रभारियों को अपने क्षेत्र के प्रत्येक बूथ के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
अगर किसी प्रभारी को लगता है कि उसका क्षेत्र बड़ा है तो बताए ताकि किसी अन्य को वहां लगाया जाए। प्रत्येक प्रभारी शीघ्र ही बूथवार प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर ले। इसमें बूथ के बारे में अधिकतम जानकारी होनी चाहिए। तभी लोगों को जोड़ने के लिए रणनीति बनाकर काम कर सकेंगे।
अगर किसी प्रभारी को लगता है कि उसका क्षेत्र बड़ा है तो बताए ताकि किसी अन्य को वहां लगाया जाए। प्रत्येक प्रभारी शीघ्र ही बूथवार प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर ले। इसमें बूथ के बारे में अधिकतम जानकारी होनी चाहिए। तभी लोगों को जोड़ने के लिए रणनीति बनाकर काम कर सकेंगे।