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मंत्रोच्चारण के साथ पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां गोमती में विसर्जित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:12 PM IST
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अटलजी
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भारत के महान सपूत एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश को गोमती नदी में परंपरागत मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत विसर्जित किया गया। सनातन धर्म की इस परंपरा का निर्वहन अटलजी के परिवारीजनों के साथ-साथ राज्यपाल राम नाईक, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और भाजपा अध्यक्ष डॉ. महेंद्र पांडेय समेत कई प्रमुख नेताओं ने किया।
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शाम करीब 6:20 बजे अटलजी की दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य, उनके पति रंजन भट्टाचार्य, नातिन नंदिनी और भांजे अनूप मिश्रा के साथ ही साथ सरकार के सभी प्रमुख मंत्री और भाजपा के नेता मंच से गोमती नदी की ओर अस्थि कलश विसर्जन के लिए बढ़े। उस वक्त मंत्रोच्चारण से मां गोमती का पूरा तट गूंज गया। जो जहां था, वहां से विसर्जन स्थल की ओर बढ़ चला।
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भीड़ ज्यादा होने की वजह से भारी संख्या में लोग इन अविस्मरणीय क्षणों को वहां लगे स्क्रीन पर देख रहे थे। अटलजी के भांजे अनुप मिश्रा ने नदी में उतरकर अस्थि कलश विसर्जित किए। वे कमर तक पानी में थे।
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इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, प्रदेश के कबीना मंत्री सूर्य प्रताप शाही, आशुतोष टंडन, स्वामी प्रसाद मौर्य, बलदेव सिंह औलख, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया, मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित और नवीन श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा में बसपा से कोई नहीं
अटलजी की याद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सपा, कांग्रेस, रालोद और एनसीपी समेत सभी प्रमुख दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। लेकिन, बसपा से कोई नहीं आया। मंच से कहा भी गया कि अगर बसपा से कोई आया है तो वह भी मंच पर आकर दो शब्द कहें लेकिन कोई नहीं पहुंचा।