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Lucknow News: सीएमओ से पूछा-कब तक करोगे जांच, डीएम-एसपी से कहा, सख्त कार्रवाई करो

Tue, 18 Jul 2023 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Tue, 18 Jul 2023 11:53 PM IST
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Asked CMO - how long will you investigate, told DM-SP, take strict action
रायबरेली। शहर के सत्यम हॉस्पिटल में गलत इलाज के बाद दो माह के नवजात के हाथ सड़ने और फिर मौत के मामले में मंगलवार को कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब ने सीएमओ काे फटकार लगाई। मासूम के पिता की गुहार सुनकर भावुक कमिश्नर ने सीएमओ से पूछा-कब तक जांच करोगे। एक्सपर्ट से हाथ सड़ने के कारणों का पता लगवाएं... दोषी बचने नहीं चाहिए। उन्होंने डीएम और एसपी को तत्काल जांच पूरी कराकर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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लालगंज क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी सुरेंद्र कुमार शर्मा के दो माह के बेटे राघव का इलाज बीती 21 जून तक सत्यम हॉस्पिटल में हुआ था। आरोप है कि वीगो लगाने में लापरवाही होने के बाद बाएं हाथ सड़क शुरू हो गई थी। ठीक से इलाज न होने पर बच्चे को कई चिकित्सकों से सलाह लेने के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था। जहां हाथ के ऑपरेशन के बाद बीती आठ जुलाई को बच्चे ने दम तोड़ दिया था। मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया और जांच कमेटी गठित की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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मंगलवार को कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब के सामने सुरेंद्र ने पेश होकर रो-रोकर घटना की पूरी जानकारी दी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। उसने कमिश्नर को बच्चे के सड़े हाथ ही फोटो भी दी। पूरी कहानी सुनकर कमिश्नर भावुक हो गईं और सीएमओ को चेताते हुए तत्काल जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए। उन्होंंने मामले में डीएम माला श्रीवास्तव और एसपी आलोक प्रियदर्शी से बात करने के बाद तत्काल जांच पूरी कराकर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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कलेक्ट्रेट की प्रशासनिक अधिकारी पद से रिटायर्ड मंजूलता दीक्षित मंगलवार को कमिश्नर के सामने दहाड़े मारकर रो पड़ीं। आरोप लगाया कि रिटायर्ड होने के बाद अब तक भुगतान न होने से बेटे का इलाज नहीं करा सकीं। इस कारण इकलौते बेटे की मौत हो गई। बहू विधवा है और दो नाती अनाथ हो गए हैं। उनकी पढ़ाई भी ठीक से नहीं हो पा रही है। पति की 85 प्रतिशत किडनी खराब है। पैसा समय से नहीं मिला तो पति का भी इलाज नहीं करा पाएंगे। हमें रुपये की बहुत जरूरत हैं। इतने साल नौकरी की और कभी कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन रिटायर्ड होने का समय आया तो मेरे खिलाफ साजिशन प्रशासनिक कार्रवाई कर दी गई। प्रकरण को सुनकर कमिश्नर ने डीएम से वार्ता की और मामले का जल्द ही निस्तारण करने का आदेश दिया।
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