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Lucknow News: विद्यार्थियों और अभिभावकों की भीड़ बढ़ी तो मुख्य द्वार किया बंद, टोकन लेने को कहा
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में किताबें खरीदने के लिए लगी छात्रों व अभिभावकों की भीड़। -संवाद
लखनऊ। राजधानी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, छोटी जुबिली परिसर में शनिवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से एनसीईआरटी किताबों का शिविर आयोजित हुआ। भीड़ के हिसाब से इंतजाम बौने पड़ गए। जैसे ही विद्यार्थियों और अभिभावकों की भीड़ बढ़ी, विद्यालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। कई अभिभावकों को चार-चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा, तब जाकर किताबें मिल सकीं।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के निर्देश पर कक्षा 9 से 12 तक की किताबों के लिए स्टॉल लगाए गए थे। यूपी बोर्ड के राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में अभिभावकों के साथ पहुंचे।
सुबह आठ बजे से कतार में लगे अभिभावकों ने बताया कि पहले लंबी कतार में खड़ा किया गया, फिर टोकन लेने को कहा गया। दोपहर तक भी कई छात्रों को किताबें नहीं मिल सकीं। कक्षा 11 के एक छात्र ने बताया कि 12:30 बजे तक इंतजार के बावजूद उसे किताबें नहीं मिली थीं।
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हालांकि, जिन्हें किताबें मिल गईं, उनके चेहरे पर राहत दिखी। भीड़ और अव्यवस्था के बीच किताबें खरीदना अभिभावकों ने “जंग” जैसा अनुभव बताया।
इस भारी भीड़ की मुख्य वजह सस्ती दर पर किताबों की उपलब्धता रही। महज 440 रुपये में 8 से 10 एनसीईआरटी किताबें मिल रही थीं, जिनमें गणित, विज्ञान, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति और हिंदी जैसे विषय शामिल हैं।
शिविर में 200 लोगों ने किताबें खरीदीं
डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि यूपी बोर्ड से जुड़े माध्यमिक विद्यालयों में पायनियर, पीतांबरा और सिंघल एजेंसीज के अधिकृत मुद्रकों की एनसीईआरटी की किताबें संचालित की जा रही हैं। यहां एक विकल्प के रूप में स्टॉल लगाए गए थे। शनिवार को लगे शिविर में 200 लोगों ने किताबें खरीदीं। अभिभावकों और विद्यार्थियों में रुझान को देखते हुए अन्य राजकीय विद्यालयों में भी शिविर लगाए जाएंगे। इसकी तैयारी की जा रही है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के निर्देश पर कक्षा 9 से 12 तक की किताबों के लिए स्टॉल लगाए गए थे। यूपी बोर्ड के राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में अभिभावकों के साथ पहुंचे।
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सुबह आठ बजे से कतार में लगे अभिभावकों ने बताया कि पहले लंबी कतार में खड़ा किया गया, फिर टोकन लेने को कहा गया। दोपहर तक भी कई छात्रों को किताबें नहीं मिल सकीं। कक्षा 11 के एक छात्र ने बताया कि 12:30 बजे तक इंतजार के बावजूद उसे किताबें नहीं मिली थीं।
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हालांकि, जिन्हें किताबें मिल गईं, उनके चेहरे पर राहत दिखी। भीड़ और अव्यवस्था के बीच किताबें खरीदना अभिभावकों ने “जंग” जैसा अनुभव बताया।
इस भारी भीड़ की मुख्य वजह सस्ती दर पर किताबों की उपलब्धता रही। महज 440 रुपये में 8 से 10 एनसीईआरटी किताबें मिल रही थीं, जिनमें गणित, विज्ञान, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति और हिंदी जैसे विषय शामिल हैं।
शिविर में 200 लोगों ने किताबें खरीदीं
डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि यूपी बोर्ड से जुड़े माध्यमिक विद्यालयों में पायनियर, पीतांबरा और सिंघल एजेंसीज के अधिकृत मुद्रकों की एनसीईआरटी की किताबें संचालित की जा रही हैं। यहां एक विकल्प के रूप में स्टॉल लगाए गए थे। शनिवार को लगे शिविर में 200 लोगों ने किताबें खरीदीं। अभिभावकों और विद्यार्थियों में रुझान को देखते हुए अन्य राजकीय विद्यालयों में भी शिविर लगाए जाएंगे। इसकी तैयारी की जा रही है।

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में किताबें खरीदने के लिए लगी छात्रों व अभिभावकों की भीड़। -संवाद

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में किताबें खरीदने के लिए लगी छात्रों व अभिभावकों की भीड़। -संवाद

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में किताबें खरीदने के लिए लगी छात्रों व अभिभावकों की भीड़। -संवाद

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में किताबें खरीदने के लिए लगी छात्रों व अभिभावकों की भीड़। -संवाद

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में किताबें खरीदने के लिए लगी छात्रों व अभिभावकों की भीड़। -संवाद

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में किताबें खरीदने के लिए लगी छात्रों व अभिभावकों की भीड़। -संवाद