बीटेक छात्र हत्याकांड: एसटीएफ को धता बताकर जेल पहुंचा हत्या आरोपी अर्पण शुक्ला
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लखनऊ गोमतीनगर के अलकनंदा अपार्टमेंट में हुई बीटेक के छात्र प्रशांत सिंह की हत्या में धौरहरा के पूर्व विधायक शमशेर बहादुर सिंह के पुत्र अमन को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था लेकिन उसके साथी अर्पण शुक्ल की तलाश में एसटीएफ जुटी थी।
एसटीएफ और पुलिस को चकमा देते हुए अर्पण शुक्ल ने पुराने मामले में जमानत कटवा ली। सीजेएम ने दूसरी जमानत पेश न करने पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इससे तफ्तीश को लेकर एसटीएफ की दिक्कत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
राजधानी के वीआईपी एरिया में शुमार गोमतीनगर के अलकनंदा अपार्टमेंट में छात्र की निर्मम हत्या के मामले में आरोपित अर्पण शुक्ल एसटीएफ को धता बताते हुए जिला जेल खीरी में दाखिल हो गया। इससे पहले सन 2017 में आवास विकास कॉलोनी में रहने वाला अर्पण शुक्ला का नाम उस समय चर्चा में आया था, जब दस-पंद्रह लड़कों के साथ मिलकर मोहल्ला कीरतनगर निवासी रमन भारद्वाज को सरेआम पिटाई करने के बाद असलहा लहराते हुए जान से मार डालने की धमकी दी थी, उसकी रमन भारद्वाज से भी कोई पुरानी रंजिश नही थी, लेकिन केवल वर्चस्व की लड़ाई के चलते ही रमन को सबक सिखाया था।
सदर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में कोतवाली से ही नोटिस देकर इन लड़कों को छोड़ दिया था। मामला कोर्ट में चला तो दो लोगों की जमानत पर अदालत ने अर्पण को रिहा कर दिया था।
जमानतदारों ने जमानत कटवाने का यह दिया कारण
सीजेएम कोर्ट में 2018 से लंबित चल रहे मुकदमे में अर्पण शुक्ल के जमानतदार नीरज वर्मा ने जमानत में लगी जमीन बेचने की बात कहते हुए अपनी जमानत कटवा ली तो दूसरे जमानतदार मोतीलाल निवासी लौकही थाना ईसानगर ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की बात कहकर सीजेएम विकास श्रीवास्तव की अदालत में अर्पण शुक्ल की जमानत कटवा ली।