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यूपी में 72 घंटे में उद्योगों की स्थापना की मंजूरी का रास्ता साफ
Mon, 21 Sep 2020 01:45 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 21 Sep 2020 01:45 AM IST
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प्रदेश सरकार ने 72 घंटे के भीतर उद्योग लगाने की मंजूरी से जुड़े कानून पर अमल के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। इसमें उद्योग स्थापना से जुड़ी कार्यवाही की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नवनीत सहगल ने रविवार को आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के साथ प्रदेश के समस्त मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को कानून के अनुसार उद्योगों की स्थापना सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।
सरकार ने पिछले महीने प्रदेश में उद्योग स्थापना से जुड़ी मुश्किलों के समाधान के लिए यूपी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (स्थापना एवं संचालन सरलीकरण) अधिनियम-2020 को लागू करने की मंजूरी दी थी। इसमें उद्यम स्थापना व संचालन से जुड़ी प्रक्रिया का सरलीकरण कर तमाम तरह की मंजूरी व निरीक्षण से छूट के साथ आवेदन के 72 घंटे के भीतर अनुमति देने की व्यवस्था है।
अब जिला स्तर पर उद्योग स्थापना की मंजूरी से संबंधित कार्यवाही की हर तीन महीने पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति समीक्षा करेगी। इस समिति में राजस्व, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, श्रम, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव बतौर सदस्य शामिल होंगे। अपर मुख्य सचिव एमएसएमई इस समिति के संयोजक सदस्य होंगे।
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इस तरह होगी प्रक्रिया
- एमएसएमई से जुड़े नए उद्योग की स्थापना, विस्तारीकरण व विविधीकरण के आवेदन किए जा सकेंगे। उद्यमी अपने आवेदन पत्र के साथ घोषणापत्र व आवश्यक प्रपत्र जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में जमा करेगा। आवेदन का पूरा ब्योरा एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
- डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति आवेदन पत्रों पर विचार कर अनुमति देगी। समिति में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अधिशासी अभियंता विद्युत निगम, उप श्रमायुक्त या सहायक श्रमायुक्त, क्षेत्रीय प्रबंधक राज्य औद्योगिक विकास निगम, सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा निदेशालय, जिला अग्निशमन अधिकारी बतौर सदस्य होंगे। उपायुक्त जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र समिति के सदस्य सचिव होंगे।
- उपायुक्त जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र 72 घंटे के भीतर प्रक्रिया पूरी कर अनुमति जारी करेंगे।
- इस अनुमति पत्र को माना जाएगा कि 1000 दिन के लिए सभी अनुमोदन प्राप्त किए गए हैं। इसी तरह 1000 दिन के लिए कोई अधिकारी किसी तरह का निरीक्षण नहीं करेगा।
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सरकार ने पिछले महीने प्रदेश में उद्योग स्थापना से जुड़ी मुश्किलों के समाधान के लिए यूपी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (स्थापना एवं संचालन सरलीकरण) अधिनियम-2020 को लागू करने की मंजूरी दी थी। इसमें उद्यम स्थापना व संचालन से जुड़ी प्रक्रिया का सरलीकरण कर तमाम तरह की मंजूरी व निरीक्षण से छूट के साथ आवेदन के 72 घंटे के भीतर अनुमति देने की व्यवस्था है।
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अब जिला स्तर पर उद्योग स्थापना की मंजूरी से संबंधित कार्यवाही की हर तीन महीने पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति समीक्षा करेगी। इस समिति में राजस्व, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, श्रम, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव बतौर सदस्य शामिल होंगे। अपर मुख्य सचिव एमएसएमई इस समिति के संयोजक सदस्य होंगे।
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इस तरह होगी प्रक्रिया
- एमएसएमई से जुड़े नए उद्योग की स्थापना, विस्तारीकरण व विविधीकरण के आवेदन किए जा सकेंगे। उद्यमी अपने आवेदन पत्र के साथ घोषणापत्र व आवश्यक प्रपत्र जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में जमा करेगा। आवेदन का पूरा ब्योरा एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।
- डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति आवेदन पत्रों पर विचार कर अनुमति देगी। समिति में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अधिशासी अभियंता विद्युत निगम, उप श्रमायुक्त या सहायक श्रमायुक्त, क्षेत्रीय प्रबंधक राज्य औद्योगिक विकास निगम, सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा निदेशालय, जिला अग्निशमन अधिकारी बतौर सदस्य होंगे। उपायुक्त जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र समिति के सदस्य सचिव होंगे।
- उपायुक्त जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र 72 घंटे के भीतर प्रक्रिया पूरी कर अनुमति जारी करेंगे।
- इस अनुमति पत्र को माना जाएगा कि 1000 दिन के लिए सभी अनुमोदन प्राप्त किए गए हैं। इसी तरह 1000 दिन के लिए कोई अधिकारी किसी तरह का निरीक्षण नहीं करेगा।