फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   appointment of teachers with fraud documents

शिक्षक भर्ती में हुए बड़े खुलासे, लगाए गए थे जाली दस्तावेज

Fri, 09 Jun 2017 05:47 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Fri, 09 Jun 2017 05:47 PM IST
विज्ञापन
appointment of teachers with fraud documents
डेमो - फोटो : demo pic

लखनऊ जिले के सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर पत्रावलियों की जांच में एक से बढ़कर एक खुलासे हो रहे हैं। डीआईओएस को मिली शिकायत में पता चला है कि कई विद्यालयों में जाली दस्तावेजों के आधार पर भी शिक्षकों की नियुक्तियां की गई हैं।

विज्ञापन


इस जानकारी के बाद विभाग के कान खड़े हो गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने सभी सहायता प्राप्त विद्यालयों से शिक्षकों व कर्मचारियों का ब्योरा मांगा था। जिनकी नियुक्तियों को लेकर कोर्ट का विवाद रहा है उसका भी साक्ष्य सहित पूरा ब्योरा मांगा था।
विज्ञापन


जांच पूरी होने तक उन्होंने विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन बिल पर अनुमोदन देने से मना कर दिया था। पत्रावलियों की जांच में काफी संख्या में कर्मचारियों व शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर गड़बड़ियां मिलीं। ये सभी नियुक्तियां अब फर्जी बताई जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिनकी नियुक्तियों पर कोर्ट में आपत्तियां लगीं और कोर्ट द्वारा जिन शिक्षकों व कर्मचारियों की याचिका खारिज की गई वे भी पद पर बने रहे और वेतन उठाते रहे। करीब 50 से ज्यादा कर्मचारी और 25 से ज्यादा शिक्षकों के मामले पकड़ में आए हैं, जिनको वेतन दिया जाता रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने इस सभी के वेतन रोक दिए हैं। 

विद्यालयों का चेक होना है ब्योरा

appointment of teachers with fraud documents
डेमो
जिले में 98 सहायता प्राप्त विद्यालय हैं। अभी करीब 20 विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर जांच चल रही है। इसी बीच जिला विद्यालय निरीक्षक के पास कुछ शिक्षकों ने शिकायत दर्ज कराई है कि कई विद्यालयों में बड़े पैमाने पर फर्जी कागजात के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं।

विद्यालय के प्रबंधन ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से मनचाहे लोगों को नियुक्तियां दी हैं। जो कुछ तो प्रबंधतंत्र तो कुछ शासन स्तर के अधिकारियों के पहचान वाले हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार जो शिक्षक अर्ह नहीं हैं उन्होंने फर्जी शैक्षणिक सर्टिफिकेट बनवाकर नियुक्तियां पा ली हैं।

शिकायतकर्ता की शिकायत पर जिला विद्यालय निरीक्षक के कान खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता डीआईओएस के सामने नहीं आना चाहता। उसने फोन पर ही शिकायत दर्ज कराई है।

उधर जिला विद्यालय निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि पत्रावलियों की जांच पूरी गहनता से की जा रही है। जब तक पूर्ण रूप से पुष्टि नहीं हो जाती उनकी पत्रावलियों को ओके नहीं किया जा रहा है।

कोर्ट के आदेश की बताई गलत आख्या

appointment of teachers with fraud documents
डेमो - फोटो : demo pic
जिन शिक्षकों की नियुक्तियां गलत थीं और जिनको लेकर कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई गई थी कोर्ट ने ऐसे शिक्षकों की याचिका को खारिज देते हुए उन्हें राहत नहीं दी। बावजूद इसके ऐसे शिक्षक वेतन पाते रहे।

जब डीआईओएस ने पत्रावलियां तलब की तो कइयों ने याचिका खारिज होने की बात पचा ली और कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर ब्यौरा सौंप दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि ऐसे आदेशों को कई बार पढ़ा गया तब मालूम चला कि कोर्ट उनकी नियुक्ति को भी अवैध ठहरा दिया था। बावजूद वे पद पर बने रहे और वेतन उठाते रहे।

शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर गड़बड़ियां मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, उधर इनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर कोई भी अधिकारी मामले में हाथ डालना नहीं चाह रहा है।

जब से जिला विद्यालय निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने जांच शुरू की है उनके उपर काफी दबाव बनाया जा रहा है। रसूख शिक्षक व कर्मचारी शासन स्तर के उच्च अधिकारियों से दबाव बना रहे हैं। लेकिन अभी तक इनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर रूपरेखा तय नहीं हुई है।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि उच्च स्तर के अधिकारियों के स्तर से इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। डीआईओएस अपने स्तर से न तो इनको बर्खास्त कर सकते हैं और न ही रिकवरी का आदेश दे सकते हैं। जेडी दीप चंद ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक अपने आप में सक्षम अधिकारी हैं वे अपने स्तर से कार्रवाई कर सकते हैं।

‘सभी विद्यालयों के पत्रवालियों की जांच गहनता की जा रही है। एक-एक कागजात कई बार चेक किया जा रहा है। हर पहलू को खंगाला जा रहा है। जो फर्जी शिक्षक व कर्मचारी हैं उनकी पहचान कर वेतन निर्गत नहीं होने दिया जाएगा।’ - मुकेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed