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69 हजार शिक्षक भर्ती: आरक्षण घोटाले का आरोप लगाकर अभ्यर्थियों ने सीएम आवास के बाहर किया प्रदर्शन
Tue, 20 Jul 2021 05:41 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 20 Jul 2021 05:41 PM IST
सार
अभ्यर्थियों का आरोप है कि शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के लिए आवंटित सीटें अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को दे दी गईं। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के बाहर और भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शन करते अभ्यर्थी।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
69 हजार शिक्षक भर्ती में घोटाले का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। जहां पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें बसों में भरकर धरनास्थल पर भेज दिया। अभ्यर्थियों ने भाजपा कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन किया।
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अभ्यर्थियों का आरोप है कि शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के लिए आवंटित सीटें अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को दे दी गईं। इसके चलते 5844 सीटों का नुकसान हुआ है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी अपनी अंतरिम रिपोर्ट में 5,844 सीटों का आरक्षण घोटाला होने की बात स्वीकारी है।
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उन्होंने आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग की। साथ ही कहा कि आयोग में जिन अभ्यर्थियों ने लिखित में शिकायत दर्ज कराई है, उन सभी को समायोजित किया जाए।
बता दें कि इस पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा था कि बेसिक शिक्षा परिषद में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में सामान्य वर्ग की 34,589 सीटें थीं। जबकि इस वर्ग के महज 20,301 अभ्यर्थी ही चयनित हुए हैं।
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सामान्य वर्ग के शेष 14,288 पदों पर भी ओबीसी व एससी वर्ग के अभ्यर्थी मेरिट के आधार पर चयनित हुए हैं। इस तरह कुल 31 हजार अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आरक्षण नहीं देने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है।