दोस्तों का दावा, आईएएस अनुराग की जगह किसी और ने दिए बर्थडे विशेज के जवाब
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आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है। अनुराग के दोस्तों ने सवाल उठाया है कि जन्मदिन के मौके पर अनुराग को किए गए मैसेज का जो रिप्लाई आया, वह अनुराग की भाषा नहीं थी।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि उस अनुराग का मोबाइल कौन ऑपरेट कर रहा था? सोशल मीडिया पर बने पेज पर अनुराग के दोस्तों ने दावा किया है कि अनुराग शार्टकट वाले शब्दों के इस्तेमाल से परहेज करते थे, इसलिए यह उनका रिप्लाई नहीं हो सकता।
अनुराग की जिस दिन मौत हुई, उसी दिन उनका जन्मदिन था। रात 12 बजे से ही अनुराग के मोबाइल पर जन्मदिन की बधाइयों के मैसेज आने शुरू हो गए थे। फेसबुक पर ‘जस्टिस फॉर अनुराग’ नाम से बने पेज पर उनके दोस्तों ने सवाल उठाया है कि वाट्सएप पर अनुराग को दी गई बधाई के जवाब में जो रिप्लाई आया, उसमें थैंक्स शब्द शार्टकट में इस्तेमाल किया गया था।
जल्द होगी वीसी एलडीए से पूछताछ
जबकि अनुराग शार्टकट में जवाब देने वालों को अकसर खरी-खरी सुनाया करते थे। इससे शक पैदा हो रहा है कि कहीं अनुराग के मोबाइल का इस्तेमाल कोई और तो नहीं कर रहा था? इस बात की तस्दीक अनुराग के भाई मयंक भी करते हैं। मयंक बताते हैं कि कोई जवाब शार्टकट में देने पर अनुराग कहते थे, पूरा शब्द लिखने में आखिर कितना समय लगता है जो शब्द बचा लेते हैं।
सीबीआई ने इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की है, लेकिन अभी तक लखनऊ विकास प्राधिकरण के वीसी प्रभु नारायण सिंह से नहीं की। जबकि वह अनुराग के अच्छे दोस्त थे।
अनुराग की मौत से पहली वाली रात में प्रभु नारायण ने उनके साथ ही खाना खाया था। सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही प्रभु नारायण से बातचीत कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या उसे लखनऊ में किसी से खतरा था या ऐसी कोई बात अनुराग ने की हो, जिससे अनुराग की मौत का कोई सुराग मिल सके।