नन्हीं अंशिका ने किडनैपरों का सिखाया सबक, अब पीएम मोदी करेंगे सम्मानित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
68वें गणतंत्र दिवस के मौके पर देशभर के 25 बच्चों को उनकी निडरता, साहस के लिए 23 जनवरी को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मानित होने वालों में राजधानी की बहादुर बेटी 14 साल की अंशिका पांडेय भी है।
11वीं कक्षा की अंशिका ने निर्भीकता से हमलावर की कोशिश को नाकाम करते अपने अपहरण की कोशिश नाकाम कर दिया था।
अंशिका ने बताया, ‘14 सितंबर 2015 को मैं रोजाना की तरह साइकिल पर अपने स्कूल सेंट एंटोनीज इंटर कॉलेज जा रही थी। इसी बीच एक एसयूवी आकर रूकी। उसमें सवार लोग देखने में दक्षिण भारतीय लग रहे थे।
उन्होंने रास्ता पूछा तो बताने लगी। इसी बीच पीछे बैठे व्यक्ति ने मुझे गाड़ी के अंदर खींचने की कोशिश की। स्कूल में मैंने आत्मरक्षा के गुर सीखे थे।
फटाफट बैग दरवाजे से फंसा दिया ताकि बंद न हो सके
अंशिका ने बताया, मैंने फटाफट अपना पैर दरवाजे के बीच फंसा दिया, ताकि वह बंद न हो सके। वे लोग बोतल से कुछ मेरे मुंह पर डालना चाहते थे, लेकिन मैंने अपने दांतों से पीछे बैठे व्यक्ति का हाथ काट लिया तो बोतल गिर गयी।
तभी मेरी सहेली भी पहुंच गयी और उसने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। बदमाशों ने मुझ पर चाकू से वार किया और भाग निकले। चाकू दायें हाथ पर लगा, जिसके कारण 10 टांके लगे।