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एसजीपीजीआई में एक और छात्र फेल, विरोध में उतरे रेजिडेंट डॉक्टर
Tue, 23 Jun 2020 04:24 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 23 Jun 2020 04:24 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
एसजीपीजीआई में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग एक और छात्र को फेल किए जाने की जानकारी मिलते ही रेजिडेंट डॉक्टरों में आक्रोश फैल गया। सोमवार शाम कैंडल मार्च निकाल प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि एक तरफ वे कोरोना काल में ड्यूटी कर रहे हैं तो दूसरी तरफ यहां के संकाय सदस्य खुन्नस में उन्हें फेल कर रहे हैं। पहले एक डॉक्टर को लिखित परीक्षा में फेल किया गया था और अब दूसरे को साक्षात्कार में।
आरोप लगाया कि संबंधित विभाग में सात संकाय सदस्य हैं। इतने संकाय होने के बावजूद दोनों डॉक्टर फेल हो जाते हैं तो किसी न किसी रूप में यह संस्थान की शैक्षिक व्यवस्था पर सवाल है। दो साल तक दोनों डॉक्टर मरीजों के इलाज में जुटे रहे। यदि यह परीक्षा में फेल होते हैं तो संस्थान प्रशासन को यह भी जवाब देना होगा कि क्या वह डॉक्टर अब तक मरीजों का गलत इलाज करते रहे, तो इस पर उन्हें रोका क्यों नहीं।
फिलहाल इस मामले को लेकर पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टर लामबंद है। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आकाश माथुर व महासचिव डॉ अनिल गंगवार ने बताया कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। संस्थान के संकाय सदस्यों को मानसिकता बदलनी होगी।
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आरोप लगाया कि संबंधित विभाग में सात संकाय सदस्य हैं। इतने संकाय होने के बावजूद दोनों डॉक्टर फेल हो जाते हैं तो किसी न किसी रूप में यह संस्थान की शैक्षिक व्यवस्था पर सवाल है। दो साल तक दोनों डॉक्टर मरीजों के इलाज में जुटे रहे। यदि यह परीक्षा में फेल होते हैं तो संस्थान प्रशासन को यह भी जवाब देना होगा कि क्या वह डॉक्टर अब तक मरीजों का गलत इलाज करते रहे, तो इस पर उन्हें रोका क्यों नहीं।
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फिलहाल इस मामले को लेकर पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टर लामबंद है। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आकाश माथुर व महासचिव डॉ अनिल गंगवार ने बताया कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। संस्थान के संकाय सदस्यों को मानसिकता बदलनी होगी।
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फेल होने के मामले में आमरण अनशन भी
इससे पहले पीजीआई के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के एमडी के एक छात्र का लिखित परीक्षा में फेल होने का मामला सामने आया था। छात्र ने आमरण अनशन किया था। कई दिन चले आंदोलन के बाद पीजीआई प्रशासन न जांच कमेटी गठित की थी। इस विभाग के दूसरे एमडी छात्र को साक्षात्कार में फेल कर दिया है। कमेटी की रिपोर्ट आनेे से पहले ही और दूसरे छात्र को फेल करने से रेजिडेंट आक्रोशित है।