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Lucknow News: जेल में बंद दरोगा व हेड कॉन्स्टेबल पर एक और एफआईआर
Sat, 20 Jan 2024 03:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 20 Jan 2024 03:20 AM IST
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लखनऊ। बिजनौर के कपड़ा व्यापारी इश्तियाक को अगवा कर लूटने व बंधक बनाकर फिरौती मांगने के आरोपी निरालानगर के पूर्व चौकी इंचार्ज अनुराग और हेड कॉन्स्टेबल युसूफ ने पुरानी कार खरीदने व बेचने वाली कंपनी से बोलेरो मांगकर वारदात को अंजाम दिया था। कंपनी के कार्य प्रभारी ने बृहस्पतिवार को हसनगंज थाने में निलंबित दरोगा व हेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ बोलेरो हड़पने का केस दर्ज कराया है। पुलिस बोलेरो की तलाश में लगी है।
निरालानगर इलाके में बेस्ट डील फॉर व्हील कंपनी पुरानी गाड़ियां खरीदने व बेचने का काम करती है। इस कंपनी में हसनगंज के बाबूगंज निवासी लिटिल दुबे बतौर प्रभारी काम करते हैं। उनके मुताबिक 26 नवंबर को निरालानगर पुलिस चौकी के तत्कालीन प्रभारी अनुराग द्विवेदी ने पुलिस के काम के लिए उनकी कंपनी से एक दिन के लिए बोलेरो गाड़ी मांगी थी। दरोगा ने चौकी पर तैनात रहे हेड कॉन्स्टेबल युसूफ को गाड़ी लेने भेजा था। कंपनी के रजिस्टर में एंट्री करते हुए युसूफ को बोलेरो (यूपी 47 एच 7199) दे दी गई थी। शाम तक जब गाड़ी वापस नहीं आई तो लिटिल दुबे ने अनुराग व यूसुफ को फोन किया मगर दोनों से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद न तो बोलेरो वापस मिली और न ही उसके बारे में कंपनी को कोई जानकारी मिल सकी। लिटिल दुबे ने बृहस्पतिवार को निलंबित दरोगा अनुराग द्विवेदी और हेड कॉन्स्टेबल युसूफ के खिलाफ हसनगंज थाने में बोलेरो हड़पने का केस दर्ज कराया है।
29 नवंबर को आजमगढ़ में कपड़े बेचने गए बिजनौर के व्यापारी इश्तियाक को बोलेरो से अगवा कर लिया गया था। आरोपियों ने इश्तियाक को लखनऊ लाकर नकदी व कपड़े लूटने के साथ ही निरालानगर के चरन गेस्ट हाउस में बंधक बनाकर परिजनों को फोन कर फिरौती भी मांगी थी। बाद में आरोपियों के बीच विवाद हो गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया। खुलासा हुआ कि अपहरण व लूट की घटना में हसनगंज थाने के दरोगा अनुराग द्विवेदी, हेड कॉन्स्टेबल युसुफ हुसैन, बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र यादव, हिस्ट्रीशीटर दिनेश, नसीम और मुखबिर शेखर उर्फ चुन्नू शामिल था। अफसरों को जानकारी होने के बाद पुलिस की तरफ से हसनगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने दरोगा अनुराग, हेड कॉन्स्टेबल युसुफ और आरोपी नसीम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 22 दिसंबर को आरोपी धीरेंद्र यादव, मुखबिर शेखर उर्फ चुन्नू और हिस्ट्रीशीटर दिनेश ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। मगर इश्तियाक के अपहरण में इस्तेमाल बोलेरो अब तक पुलिस बरामद नहीं कर सकी।
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निरालानगर इलाके में बेस्ट डील फॉर व्हील कंपनी पुरानी गाड़ियां खरीदने व बेचने का काम करती है। इस कंपनी में हसनगंज के बाबूगंज निवासी लिटिल दुबे बतौर प्रभारी काम करते हैं। उनके मुताबिक 26 नवंबर को निरालानगर पुलिस चौकी के तत्कालीन प्रभारी अनुराग द्विवेदी ने पुलिस के काम के लिए उनकी कंपनी से एक दिन के लिए बोलेरो गाड़ी मांगी थी। दरोगा ने चौकी पर तैनात रहे हेड कॉन्स्टेबल युसूफ को गाड़ी लेने भेजा था। कंपनी के रजिस्टर में एंट्री करते हुए युसूफ को बोलेरो (यूपी 47 एच 7199) दे दी गई थी। शाम तक जब गाड़ी वापस नहीं आई तो लिटिल दुबे ने अनुराग व यूसुफ को फोन किया मगर दोनों से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद न तो बोलेरो वापस मिली और न ही उसके बारे में कंपनी को कोई जानकारी मिल सकी। लिटिल दुबे ने बृहस्पतिवार को निलंबित दरोगा अनुराग द्विवेदी और हेड कॉन्स्टेबल युसूफ के खिलाफ हसनगंज थाने में बोलेरो हड़पने का केस दर्ज कराया है।
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29 नवंबर को आजमगढ़ में कपड़े बेचने गए बिजनौर के व्यापारी इश्तियाक को बोलेरो से अगवा कर लिया गया था। आरोपियों ने इश्तियाक को लखनऊ लाकर नकदी व कपड़े लूटने के साथ ही निरालानगर के चरन गेस्ट हाउस में बंधक बनाकर परिजनों को फोन कर फिरौती भी मांगी थी। बाद में आरोपियों के बीच विवाद हो गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया। खुलासा हुआ कि अपहरण व लूट की घटना में हसनगंज थाने के दरोगा अनुराग द्विवेदी, हेड कॉन्स्टेबल युसुफ हुसैन, बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र यादव, हिस्ट्रीशीटर दिनेश, नसीम और मुखबिर शेखर उर्फ चुन्नू शामिल था। अफसरों को जानकारी होने के बाद पुलिस की तरफ से हसनगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने दरोगा अनुराग, हेड कॉन्स्टेबल युसुफ और आरोपी नसीम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 22 दिसंबर को आरोपी धीरेंद्र यादव, मुखबिर शेखर उर्फ चुन्नू और हिस्ट्रीशीटर दिनेश ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। मगर इश्तियाक के अपहरण में इस्तेमाल बोलेरो अब तक पुलिस बरामद नहीं कर सकी।
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