Lucknow News: अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले एक और फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़
डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद के मुताबिक बृहस्पतिवार देर रात गश्त के दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह कॉल सेंटर में काम करता है। मामले की छानबीन में फर्जीवाड़े का पता चला। गिरोह चार महीने से कॉल सेंटर चला रहा था। इसमें काम करने वालों को सरगना मासिक वेतन देता था। कॉल सेंटर में उन्हीं की भर्ती होती थी, जिनकी अंग्रेजी अच्छी होती थी।
गिरोह के लोग खुद को अमेरिकी अधिकारी बताकर विदेशी नागरिकों से अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। गिरोह में चार युवतियां भी हैं। पकड़े गए लोगों में ज्यादातर दूसरे शहरों के रहने वाले हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सरगना अहमदाबाद निवासी कुशवाहा पि्रयांशु से पूछताछ की जा रही है।
ऐसे ठगी करता था गिरोह
गिरोह के सदस्य अमेरिकी नागरिकों को डराकर उनके बैंक विवरण और गिफ्ट कार्ड हासिल कर लेते थे। इसके लिए वे खुद को साइबर सिक्योरिटी या फेडरल ट्रेड कमीशन का अधिकारी बताते थे और जेल भेजने की धमकी देते थे। वे गूगल से एडिट किए जाली दस्तावेज तैयार कर पीड़ितों को भेजते थे जो सरकारी अभिलेखों जैसे लगते थे। डर के कारण लोग झांसे में आकर मोटी रकम गंवा देते थे।
पूर्व में अपार्टमेंट से पकड़े गए थे सात लोग
सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में ओमेक्स आर-2 रेजिडेंशियल अपार्टमेंट में भी फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। पुलिस ने गिरोह के सात लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि गिरोह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का कर्मचारी बनकर अमेरिकी नागरिकों को ठगता था। इस मामले की भी पड़ताल जारी है।
समिट बिल्डिंग से गिरफ्तार किए गए थे 119 लोग
समिट बिल्डिंग में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ था। जनवरी 2025 से काम कर रहे इस सेंटर से अमेरिकी नागरिकों से करीब 250 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई थी। गिरोह के निशाने पर ज्यादातर बुजुर्ग या विदेशी महिलाएं थीं। गिरोह वीओआईपी तकनीक का इस्तेमाल करता था। यूएस में बैठे सरगना ने भारत में कॉल सेंटर चलाने का जिम्मा आरोपियों को दिया था। सरगना विनीत, धर्मेंद्र वशिष्ठ, इनके साथी नायकर जयराज और महिला मित्र रिंकी दास गुप्ता को कोलकाता पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया था। मामले में पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आई थी। इस कारण तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित और छह को लाइनहाजिर किया गया था। मामले की विवेचना जारी है। गिरोह का मास्टर माइंड चार्ल्स अभी नहीं पकड़ा जा सका है।

अलीगंज पुलिस ने शुक्रवार को फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया।

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