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ऐसी लागी लगन... से सजी भजनांजलि की शाम
Sat, 22 Jun 2019 01:57 AM IST
manoj tiwari
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: manoj tiwari
Updated Sat, 22 Jun 2019 01:57 AM IST
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अनूप जलोटा
- फोटो : Amar Ujala
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ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन...। कौन कहता है भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं...। मशहूर भजन गायक पद्मश्री अनूप जलोटा की मधुर आवाज में भक्ति से सराबोर ऐसे तमाम भजनों को सुनकर श्रोता मानो मंत्रमुग्ध हो गए। यह नजारा था संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में शुक्रवार को संगीत नाटक एकेडमी की ओर से विश्व संगीत दिवस व विश्व योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम ‘भजनांजलि’ का। अनूप जलोटा ने कार्यक्रम की शुरूआत में ‘लखनऊ हमपर फिदा और हम फिदा-ए-लखनऊ’ पंक्तियों से शहर के प्रति अपने अपनत्व का इजहार किया।
देख बुढ़ापा अब तू सोचे क्या पाया क्या खोया...
बचपन बीता खेल खेल में भरी जवानी सोया...देख बुढ़ापा अब तू सोचे क्या खोया क्या पाया। अनूप जलोटा ने यह पंक्तियां गाकर हर दर्शक को भावुक कर दिया। इसके बाद उन्होंने ‘राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट’ व ‘कभी-कभी भगवान को भी भक्तों से काम पड़े, जाना था गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढ़े’ जैसे भजन गाये।
नृत्य प्रस्तुति ने मोहा मन
अनूप जलोटा के भजन ‘कन्हैया तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, लोग करें मीरा को यूं ही बदनाम’ ने श्रोताओं का दिल जीत लिया। इसपर कथक नृत्यांगना शिवांगी बाजपेयी की आकर्षक नृत्य प्रस्तुति भी खूब सराही गई। इसके अलावा भी उन्होंने ‘गोेविंद जय-जय बोलो गोपाल जय-जय’, ‘प्रभु तुम चंदन हम पानी’ व यशोमती मैया से बोले नंदलाला प्रस्तुत कर लोगों को राधा-कृष्ण की भक्ति के रंग में रंग दिया।
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जब गजल प्रस्तुतियों से बांधा समां
जलोटा ने एक के बाद एक गजल प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उन्होंने गजल गायक जगजीत सिंह को समर्पित करते हुए ‘तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो’, ‘लज्जत-ए-गम बढ़ा दीजिए’ व ‘होठों से छू लो तुम’ आदि उनके द्वारा गाई गईं खूबसूरत गजलें पेश कीं। तालियों की गड़गड़ाहट और वाहवाही के बीच श्रोताओं दीवानगी देखते ही बनी।
कलाकार से बड़ा योगी कोई नहीं
विश्व संगीत दिवस व विश्व योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रख्यात लोक गायिका मालिनी अवस्थी समेत एसएनए की अध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा, सचिव रुबीना बेग, कथक केंद्र के निदेशक तरुण राज समेत अन्य लोग मौजूद थे। संगीत और योग पर चर्चा करते हुए गायिका मालिनी अवस्थी से कहा कि संगीत और योग का गहरा संबंध है। गायन, वादन और नृत्य तीनों विधाओं में योग का हर रूप देखने को मिलता है। कलाकार से बड़ा कोई योगी नहीं हो सकता।
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देख बुढ़ापा अब तू सोचे क्या पाया क्या खोया...
बचपन बीता खेल खेल में भरी जवानी सोया...देख बुढ़ापा अब तू सोचे क्या खोया क्या पाया। अनूप जलोटा ने यह पंक्तियां गाकर हर दर्शक को भावुक कर दिया। इसके बाद उन्होंने ‘राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट’ व ‘कभी-कभी भगवान को भी भक्तों से काम पड़े, जाना था गंगा पार प्रभु केवट की नाव चढ़े’ जैसे भजन गाये।
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नृत्य प्रस्तुति ने मोहा मन
अनूप जलोटा के भजन ‘कन्हैया तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, लोग करें मीरा को यूं ही बदनाम’ ने श्रोताओं का दिल जीत लिया। इसपर कथक नृत्यांगना शिवांगी बाजपेयी की आकर्षक नृत्य प्रस्तुति भी खूब सराही गई। इसके अलावा भी उन्होंने ‘गोेविंद जय-जय बोलो गोपाल जय-जय’, ‘प्रभु तुम चंदन हम पानी’ व यशोमती मैया से बोले नंदलाला प्रस्तुत कर लोगों को राधा-कृष्ण की भक्ति के रंग में रंग दिया।
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जब गजल प्रस्तुतियों से बांधा समां
जलोटा ने एक के बाद एक गजल प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उन्होंने गजल गायक जगजीत सिंह को समर्पित करते हुए ‘तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो’, ‘लज्जत-ए-गम बढ़ा दीजिए’ व ‘होठों से छू लो तुम’ आदि उनके द्वारा गाई गईं खूबसूरत गजलें पेश कीं। तालियों की गड़गड़ाहट और वाहवाही के बीच श्रोताओं दीवानगी देखते ही बनी।
कलाकार से बड़ा योगी कोई नहीं
विश्व संगीत दिवस व विश्व योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रख्यात लोक गायिका मालिनी अवस्थी समेत एसएनए की अध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा, सचिव रुबीना बेग, कथक केंद्र के निदेशक तरुण राज समेत अन्य लोग मौजूद थे। संगीत और योग पर चर्चा करते हुए गायिका मालिनी अवस्थी से कहा कि संगीत और योग का गहरा संबंध है। गायन, वादन और नृत्य तीनों विधाओं में योग का हर रूप देखने को मिलता है। कलाकार से बड़ा कोई योगी नहीं हो सकता।