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अटल को स्वयंसेवक बनाने वाले गोखले नहीं रहे
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 26 May 2014 08:45 AM IST
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक अनंत रामचंद्र गोखले का रविवार सुबह यहां संघ कार्यालय भारती भवन में निधन हो गया।
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वे 96 वर्ष के थे। गोखले के निधन के साथ ही स्वयंसेवकों की वह पीढ़ी समाप्त हो गई, जिन्हें संघ के संस्थापक सरसंघचालक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने खुद स्वयंसेवक बनाया था।
स्व. गोखले का अंतिम संस्कार रविवार शाम यहां भैंसाकुंड बैकुंठधाम पर किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में संघ से जुड़े लोग मौजूद थे। अंत्येष्टि के बाद सरसंघचालक मोहन भागवत का शोक संदेश भी पढ़कर सुनाया गया।
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गोखले का जन्म 23 सितंबर 1918 को अनंत चतुर्दशी के दिन खंडवा (मध्यप्रदेश) में हुआ था। गुरु गोलवलकर के पिता स्व. सदाशिव गोलवलकर इन्हीं के यहां गोखलेबाड़ा में ही रहते थे।
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संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर ने गोखले को प्रचारक बनाया था। संघ से मिली जानकारी के अनुसार, गोखले ने ही दीनदयाल उपाध्याय, सुंदर सिंह भंडारी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को संघ से जोड़ा था।
कड़े अनुशासन के लिए चर्चित गोखले 1942 से 1951 तक कानपुर, फिर 1954 तक लखनऊ, 1955 से 58 तक कटक (उड़ीसा), 1959-73 तक दिल्ली में रहे।
आपातकाल के दौरान उन्होंने नागपुर में रहकर संघ का कार्य संभाला। 1978 में वे उत्तर प्रदेश में सहप्रांत प्रचारक बने। गोखले ने संघ से जुड़े लोकहित प्रकाशन का भी काम संभाला।
उन्होंने अपनी पैतृक संपत्ति संघ को दान दे दी थी, जिस पर उनकी इच्छानुसार संगठन का कार्यालय बना और एक इंटर कॉलेज भी खोला गया।