नतीजों के साथ कई सच भी आए सामने
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महासमर 2014 का पर्दा हटने लगा है। इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मुलायम सिंह यादव, चौधरी अजित सिंह और नरेंद्र मोदी की जीत-हार पर से ही परदा नहीं हटेगा बल्कि, सूबे में मोदी की लहर की ताकत का सच भी सामने आएगा।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के लहर में भी भाजपा की पहुंच से बाहर रही कुछ सीटों पर जीत-हार यूपी के सियासी मूड में बदलाव की बानगी देगी।
यह भी साफ होगा कि यूपी में विधानसभा की कितनी सीटों पर उपचुनाव होना है, क्योंकि कई विधायक भी मैदान में है। यह भी साफ होगा कि यूपी के राजनीतिक सूरमा अब कितने ताकतवर बचे हैं।
कई सीटों पर कभी नहीं जीती भाजपा
दरअसल मोदी लहर की कसौटी की बात इसलिए भी उठ रही है, क्योंकि यूपी में कुछ लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा अभी तक कभी नहीं जीती है।
यहां तक कि 1991 में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के ज्वार में भी। इन सीटों में अंबेडकरनगर, सलेमपुर, घोसी, मैनपुरी, संभल और फूलपुर शामिल हैं।
इनमें से अगर कुछ सीटों पर भी पार्टी अपना परचम फहराने में कामयाब रहती है तो साबित हो जाएगा कि यह लहर बहुत ताकतवर रही है।
सपा ने मैदान में उतारे सबसे ज्यादा विधायक
सपा ने सबसे ज्यादा 15 विधायकों को मैदान में उतारा है। इनमें शाहिद मंजूर मेरठ, राममूर्ति वर्मा अंबेडकरनगर, पारसनाथ यादव जौनपुर, सुरेन्द्र पटेल मिर्जापुर, विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह कैसरगंज और कैलाश चौरसिया वाराणसी में शामिल हैं।
ये सभी मंत्री हैं। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय डुमरियागंज से चुनाव लड़ रहे हैं।
इनके अलावा विधायक नंदिता शुक्ला को गोंडा, राजमती निषाद गोरखपुर, गुलाम मोहम्मद बागपत, जफर आलम अलीगढ़, रामेश्वर सिंह फर्रुखाबाद, मित्रसेन यादव फैजाबाद, बेचई सरोज लालगंज व राधेश्याम सिंह कुशीनगर से चुनाव लड़ रहे हैं।
कई सीटों पर विधायक आमने-सामने
कैसरगंज, कैराना व रामपुर में विधायक ही आमने-सामने लड़ रहे हैं। इसलिए किसी न किसी विधायक की हार तो तय ही ही है।
हो सकता है कि कहीं-कहीं आमने-सामने लड़ रहे दोनों विधायक हार जाएं और जीत किसी तीसरे के हिस्से में आ जाए।
ऐसी सीटों में कैराना में भाजपा के हुकुम सिंह व रालोद के करतार सिंह, कैसरगंज में सपा सरकार में मंत्री विनोद कुमार सिंह ‘पंडित’ व बसपा के विधायक केके ओझा, रामपुर में भाजपा के नैपाल सिंह और कांग्रेस विधायक नवेद मियां, बागपत में भी विधान परिषद सदस्य बसपा के प्रशांत चौधरी और सपा के विधायक गुलाम मोहम्मद आमने-सामने हैं।