बहराइच: जंगल में लकड़ी काटने गए युवक को हाथी ने रौंदकर मार डाला, इलाके में दहशत
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बहराइच लखीमपुर की सीमा पर कतर्नियाघाट रेंज में शुक्रवार देर शाम को बरसोला कला गांव निवासी एक युवक बेंत काटने गया था। वहां पर जंगली हाथियों ने उसे रौंदकर मार डाला। देर रात तक घर न लौटने पर परिवारीजनों ने ग्रामीणों की मदद से खोजबीन शुरू की।
शनिवार भोर में युवक का शव जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिला। आसपास जंगली हाथियों के पैरों के निशान थे। मौके पर पहुंचे वनाधिकारियों ने हाथी के हमले में मौत की पुष्टि करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। युवक गांव में स्थित माध्यमिक विद्यालय में हाईस्कूल का छात्र था।
बहराइच-लखीमपुर की सीमा पर स्थित कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कोतवाली तिकुनिया अंतर्गत बरसोला कला गांव निवासी उमेश (18) पुत्र श्रीपति गांव में स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा नौ का छात्र था। मकान फूस का बना हुआ है। उसे दुरुस्त करने के लिए शुक्रवार देर शाम उमेश हंसिया लेकर अकेले बेंत काटने के लिए पास में स्थित कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के कतर्निया रेंज में स्थित कौड़ियाला बीट के जंगल में चला गया।
देर रात तक वह घर नहीं लौटा तो चितिंत परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से खोजबीन शुरू की। पूरी रात खोज होती रही, लेकिन उमेश का पता नहीं लग सका। भोर में पांच बजे के आसपास उमेश का शव घने जंगल के बीच क्षत-विक्षत हालत में मिला।
घटना से आसपास के लोगों में दहशत
ग्रामीणों ने तत्काल कतर्नियाघाट रेंज कार्यालय को सूचना दी। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने वन दरोगा अनिल कुमार, वन रक्षक अजय सिंह व टीम के अन्य सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचकर हाथियों के हमले में उमेश के मौत की पुष्टि की।
सूचना पाकर तिकुनिया कोतवाली की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। रेंजर की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। हाथियों के हमले में छात्र की मौत से आसपास के लोग दहशत में आ गए हैं।
हाथियों का क्षेत्र है कौड़ियाला बीट, सजग रहें ग्रामीण
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि कौड़ियाला बीट का जंगल नदी के तट पर स्थित है। नेपाल की कौड़ियाला नदी जंगल से होकर गुजरती है। इस घने जंगल में नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क से आने वाले हाथियों का झुंड विहार करता है। ऐसे में ग्रामीणों के पहुंचने पर हाथी हमलावर हो जाते हैं। हाथियों का परिक्षेत्र होने के चलते ग्रामीणों को जंगल से दूर रहना चाहिए।
पहले भी हाथी कर चुके हैं हमला
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज के गेरुआ नदी के तट पर भरथापुर गांव निवासी एक ग्रामीण पर साल भर पूर्व हाथियों ने हमला कर उसे भी मार डाला था। ग्रामीण का शव दूसरे दिन घने जंगल के बीच से बरामद हुआ था।