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Lucknow News: जेवर लेने पीड़ितों के घर तक पहुंच जाते थे अमेरिकी हैंडलर
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लखनऊ। अलीगंज में बृहस्पतिवार को पकड़े गए फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गिरोह के मामले में अलीगंज पुलिस ने नया खुलासा किया है। तफ्तीश में पता चला है कि अगर ठगी में फंसे अमेरिकी रकम नहीं दे पाते थे तो यूएस में बैठे गिरोह के हैंडलर जेवर लेने उनके घर तक पहुंच जाते थे। आरोपी खुद को सुरक्षा एजेंसियों का कर्मचारी बताकर जेवर ले जाते थे।
इंस्पेक्टर अलीगंज ध्रुव कुमार ने बताया कि तफ्तीश में सामने आया है कि हैंडलर पीड़ितों से जेवर लेकर उन्हें बेच देता था। इसके बदले में मिले डॉलर में से अपना पहले से तय कमीशन काट कर बची रकम हवाला के जरिये अहमदाबाद भेज देते थे। वहां से रकम लखनऊ भेजी जाती थी। इसके साक्ष्य भी अलीगंज पुलिस को बृहस्पतिवार को तब मिले थे, जब उन्होंने फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा।
पुलिस ने गिरोह के संचालक सहित अन्य लोगों को जेल भेज दिया था। पुलिस को कॉल सेंटर में बरामद मोबाइल और लैपटॉप में जेवर लेने से संबंधी प्रमाण मिले थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि वे जो गिरोह के जाल में नहीं फंसते थे उन्हें डराने के लिए चाइल्ड पोर्नोग्राफी और ड्रग तस्करी मामले में आरोपी बना देते थे। वे उन्हें खुद को एफबीआई का अधिकारी बताते थे। पीड़ितों को डराने के िलए उनके नाम पर बनाया गया जाली अरेस्ट वारंट भी देते थे। यह सब देख कर पीड़ित घबरा कर वहीं करने लगते थे जो ठग चाहते थे।
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इंस्पेक्टर अलीगंज ध्रुव कुमार ने बताया कि तफ्तीश में सामने आया है कि हैंडलर पीड़ितों से जेवर लेकर उन्हें बेच देता था। इसके बदले में मिले डॉलर में से अपना पहले से तय कमीशन काट कर बची रकम हवाला के जरिये अहमदाबाद भेज देते थे। वहां से रकम लखनऊ भेजी जाती थी। इसके साक्ष्य भी अलीगंज पुलिस को बृहस्पतिवार को तब मिले थे, जब उन्होंने फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा।
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पुलिस ने गिरोह के संचालक सहित अन्य लोगों को जेल भेज दिया था। पुलिस को कॉल सेंटर में बरामद मोबाइल और लैपटॉप में जेवर लेने से संबंधी प्रमाण मिले थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि वे जो गिरोह के जाल में नहीं फंसते थे उन्हें डराने के लिए चाइल्ड पोर्नोग्राफी और ड्रग तस्करी मामले में आरोपी बना देते थे। वे उन्हें खुद को एफबीआई का अधिकारी बताते थे। पीड़ितों को डराने के िलए उनके नाम पर बनाया गया जाली अरेस्ट वारंट भी देते थे। यह सब देख कर पीड़ित घबरा कर वहीं करने लगते थे जो ठग चाहते थे।
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