बहराइच में जन्मी 'प्लास्टिक बेबी' पर अमेरिकी डॉक्टरों की नजर, करेंगे रिसर्च
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प्लास्टिक बेबी पर अब अमेरिका के डॉक्टर के साथ मिलकर शोध होगा। हारवर्ड मेडिकल स्कूल अमेरिका इस घातक बीमारी पर शोध करने को तैयार हो गया है। इसके लिए बहराइच में एक निजी क्लीनिक के डॉक्टर शिशिर प्लास्टिक बेबी का एक सैंपल अमेरिका भेजेंगे।
वहां जांच के बाद अमेरिकी डॉक्टर की सलाह पर बहराइच में बच्चे का इलाज होगा। प्लास्टिक बेबी की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। अब वह बिना लाइफ सपोर्ट सिस्टम के है। गुरुवार सुबह बच्चे को दूध भी पिलाया गया। डॉक्टर का कहना है कि तीन दिन बाद उसे घर भेज दिया जाएगा।
पर, हर तीसरे दिन माता-पिता से बच्चे का हालचाल लिया जाएगा। बलरामपुर जिले के हर्रैया थाना क्षेत्र अंतर्गत चौधरीडीह बिनहौनी गांव निवासी अनीता देवी ने बीते सप्ताह गुरुवार को बेटे को जन्म दिया था। जन्म के कुछ घंटे बाद माता-पिता को पता चला कि उनका बच्चा कोलोडियन (प्लास्टिक) बेबी है।
बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिला अस्पताल के डॉक्टर इस बीमारी को समझ तक नहीं पाए थे। अंत में शहर के एक क्लीनिक के चिकित्सक डॉ. शिशिर अग्रवाल ने नवजात को भर्ती कर इलाज शुरू किया। चार दिन तक नवजात को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखकर इलाज चला।
नवजात की सेहत में तेजी से सुधार हुआ। बीते 36 घंटे पूर्व उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम से हटाकर सामान्य बेड पर लाया गया तो स्थिति सामान्य रही। चिकित्सक डॉ. शिशिर ने बताया कि हारवर्ड मेडिकल स्कूल अमेरिका के नेनोलाजिस्ट डॉ. पंकज से वार्ता हुई है। स्कूल प्रबंधन से भी संपर्क किया है।
इस समय डॉ. पंकज अमेरिका से बाहर हैं। उनके लौटने पर आठ जून को कॉन्फ्रेंसिंग से बेबी पर चर्चा होगी। बेबी से एकत्रित सैंपल हारवर्ड मेडिकल स्कूल भेजा जाएगा। रिसर्च पर जो भी खर्च आएगा, उसे हारवर्ड मेडिकल स्कूल के साथ वहन किया जाएगा।
तीन दिन बाद घर भेज दिया जाएगा बेबी
डॉक्टर शिशिर ने बताया कि बच्चा सामान्य तरीके से सांस ले रहा है। शारीरिक गतिविधियां सामान्य हैं। गुरुवार सुबह बच्चे को दूध भी पिलाया गया। तीन दिन बाद उसे घर भेज दिया जाएगा। हालांकि, इलाज अभी तीन महीने तक चलेगा। हो सकता है आगे भी दवा चलानी पड़े। बच्चे की सेहत में सुधार देखकर उसके माता-पिता खुश हैं।