फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ambulance was not found to take body of child, helpless parents kept pleading in sultanpur

यूपी: मासूम का शव ले जाने को नहीं मिली एंबुलेंस, मिन्नतें करते रहे बेबस माता-पिता, चालक बोला-मुर्दे नहीं ले जाते...

Tue, 29 Sep 2020 07:41 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 29 Sep 2020 07:41 PM IST
विज्ञापन
Ambulance was not found to take body of child, helpless parents kept pleading in sultanpur
बच्चे के शव को कंधे पर ले जाते माता-पिता - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री व सुल्तानपुर जिले के प्रभारी मंत्री जयप्रताप सिंह के क्षेत्र में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई है। सोमवार देर रात बुखार से दम तोड़ चुके मासूम बच्चे के शव को घर ले जाने लिए बेबस माता-पिता को एक अदद वाहन नहीं नसीब हुआ। 
विज्ञापन


परिजन जिला अस्पताल में चिकित्सकों व एंबुलेंस चालकों के सामने मिन्नतें करते रहे, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। थक-हारकर माता-पिता ई-रिक्शा से कलेजे के टुकड़े का शव घर ले गए।
विज्ञापन


बल्दीराय थाना क्षेत्र के रामनगर गांव से दलित महेश कुमार सोमवार की रात बुखार से तप रहे 10 वर्षीय बेटे सचिन को 108 एंबुलेंस से पत्नी के साथ लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। दंपती के साथ उनका पड़ोसी सुनील कुमार भी पहुंचा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दंपती बच्चे को एंबुलेंस से उतारकर इमरजेंसी कक्ष में लेकर पहुंचे, चिकित्सक ने जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक की बात सुनते ही दंपती फूट-फूटकर रोने लगे। दंपती के साथ अस्पताल पहुंचे सुनील कुमार ने जिला अस्पताल में खड़ी सरकारी एंबुलेंस से शव घर पहुंचाने की बात कही तो चालक ने कहा कि वह जिंदा को लेकर जाते हैं मुर्दा को नहीं। 

गरीब मां-बाप जिला अस्पताल में खड़ी एक प्राइवेट एंबुलेंस से कलेजे के टुकड़े का शव ले जाने की हिम्मत जुटाई तो उसने पैसों की इतनी डिमांड कर दी के वे उसे पूरा करने में लाचार हो गए। पुत्र की मौत से टूट चुके बेबस मां-बाप अपने कलेजे के टुकडे का शव ई-रिक्शा से लेकर घर चले गए। 

इस मामले से पहले भी सर्पदंश के शिकार बेटे के शव को जिला अस्पताल से घर ले जाने के लिए वाहन नहीं मिल सका था। तब मजबूर पिता रोडवेज बस से शव घर ले गया था।

जानकारी नहीं, होगी जांचः सीएमओ
सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो जांच होगी। सीएमओ ने दंपती से भी अपील की है कि वे सामने आएं और मामले की लिखित शिकायत करें। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed