UP: बैरक के बाथरूम में गमछे से लटका मिला बंदी का शव, जानलेवा हमले के मामले में जिला जेल में बंद था आरोपी
जानलेवा हमले के आरोप में जिला जेल में निरुद्ध बंदी का शव बैरक के बाथरूम में गमछे से लटका मिला। घटना के करीब पांच घंटे बाद परिवार के लोगों को मौत की जानकारी हो सकी।
विस्तार
जानलेवा हमले के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध सुशील तिवारी उर्फ ज्ञानू का शव बुधवार भोर करीब सवा चार बजे बाथरूम में गमछे के फंदे से लटकता मिला। शव मिलने की जानकारी लगते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में शव को फंदे से उतरवाकर राजकीय मेडिकल कॉलेज की मर्चरी भेजवाया गया। घटना के करीब पांच घंटे के बाद परिवार के लोगों को मौत की जानकारी हो सकी।
भीटी के ग्राम बेनीपुर निवासी सेवानिवृत्त फौजी अशोक तिवारी के पुत्र सुशील तिवारी को 11 नवंबर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 22 अक्तूबर की शाम सुशील का अपने मित्र विकास दूबे से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान दोनों में मारपीट शुरू हो गई थी, जिसमें बांके प्रहार से विकास जख्मी हो गया था।
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जानलेवा हमले के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध सुशील तिवारी उर्फ ज्ञानू का शव बुधवार भोर करीब सवा चार बजे बाथरूम में गमछे के फंदे से लटकता मिला। शव मिलने की जानकारी लगते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में शव को फंदे से उतरवाकर राजकीय मेडिकल कॉलेज की मर्चरी भेजवाया गया। घटना के करीब पांच घंटे के बाद परिवार के लोगों को मौत की जानकारी हो सकी।
भीटी के ग्राम बेनीपुर निवासी सेवानिवृत्त फौजी अशोक तिवारी के पुत्र सुशील तिवारी को 11 नवंबर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 22 अक्तूबर की शाम सुशील का अपने मित्र विकास दूबे से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान दोनों में मारपीट शुरू हो गई थी, जिसमें बांके प्रहार से विकास जख्मी हो गया था।
प्रशासन के हाथ-पांव फूले
जेल में फंदे पर लटके मिले सुशील तिवारी का पोस्टमार्टम होने के बाद पिता अशोक तिवारी व उनके परिजन शव ले जाने से इनकार करने लगे। परिजन जेल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन की बात कह रहे थे। इसकी जानकारी लगते ही प्रशासन से हांथ-पांव फूल गए। सीओ टांडा शुभम कुमार, इंस्पेक्टर कोतवाली श्रीनिवास पांडेय, इंस्पेक्टर अलीगंज भूपेंद्र सिंह ने करीब डेढ़ घंटे तक परिजनों से वार्ता की, जिसके बाद वह शव ले जाने को राजी हुए। कड़ी सुरक्षा के बीच शव को गांव ले जाया गया है। गांव में पहले से ही पुलिस बल मुस्तैद कर दिया गया है।
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