'मुलायम के चपरासी के कहने पर भी करूंगा उनका प्रचार'
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चौ. अजित सिंह के साथ नई सियासी पारी शुरू करने वाले अमर सिंह का कहना है कि अगर मुलायम सिंह यादव इशारा कर देंगे या उनका चपरासी भी कह देगा तो वह आजमगढ़ में उनके पक्ष में प्रचार करेंगे।
बकौल अमर सिंह आजमगढ़ में जो भी विकास हुए हैं उसके सूत्रधार मुलायम सिंह ही रहे हैं। यह बात दीगर है कि बड़प्पन दिखाते हुए मुलायम ने इसका श्रेय उन्हें दिया है।
सच तो यह है कि वहां सड़क, अस्पताल, हवाई पट्टी से लेकर जो भी अन्य विकास कार्य हुए हैं वह मुलायम सिंह के सहयोग के बगैर संभव नहीं था।
फिलहाल आजमगढ़ में मुलायम को उनका प्रतीकात्मक समर्थन है लेकिन अगर वह चाहेंगे तो गृह जनपद होने के नाते वह आजमगढ़ जाकर भी उनके लिए वोट मांगने से पीछे नहीं हटेंगे।
'पर मुलायम को मेरे समर्थन की जरूरत नहीं'
बुधवार को फोन पर ‘अमर उजाला’ से बातचीत में अमर सिंह ने कहा कि गृह जनपद होने के नाते उन्होंने आजमगढ़ में मुलायम सिंह यादव के समर्थन में प्रचार करने की पेशकश की है।
राजनीति में न तो वह अपने इतिहास को झुठला सकते हैं और न ही मुलायम सिंह। आजमगढ़ में राष्ट्रीय लोकदल का कोई प्रत्याशी है नहीं।
भाजपा को समर्थन देने का सवाल ही नहीं पैदा होता। ऐसे में पुराने संबंधों के इतिहास को देखते हुए मुलायम सिंह को वह समर्थन दे सकते हैं।
साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि वैसे तो मुलायम सिंह को उनके समर्थक की जरूरत नहीं है। वह खुद ही सक्षम हैं लेकिन आजमगढ़ में उनका प्रतीकात्मक समर्थन उन्हें रहेगा क्योंकि मुलायम की वजह से ही वह आजमगढ़ को कुछ दिला सके।
'मुलायम की बड़प्पन से दिल में बढ़ा सम्मान'
अमर सिंह का कहना है कि पिछले दिनों मुलायम सिंह यादव ने चुनावी मौसम में बिना किसी की परवाह किए जिस तरह से उन्हें याद करते हुए सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की उससे सपा सुप्रीमो के प्रति उनका सम्मान और बढ़ गया है।
उनके इस बड़प्पन का जवाब छोटेपन से नहीं देना चाहिए। इसीलिए उन्होंने मुलायम को समर्थन देने का ऐलान किया है।
सियासत में बड़े लोगों के बीच प्रतिद्वंद्विता नहीं होती अमर सिंह का कहना है कि राजनीति में बड़े लोगों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नहीं होती।
बड़े लोग कभी बड़े लोगों के विरुद्ध नहीं उतरते। सोनिया व मुलायम कभी एक-दूसरे के विरुद्ध लड़ाई नहीं लड़ते हैं।
चाहता हूं आजमगढ़ से जीतें मुलायम
अमर सिंह कहते हैं कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता तो उनके जैसे छोटे कार्यकर्ताओं के भाग्य में है।
उनका कहना है कि कांग्रेस और रालोद के बीच गठबंधन है और गठबंधन धर्म का पालन करते हुए उन्होंने मुलायम सिंह यादव को समर्थन देने की घोषणा की है।
अमर सिंह ने कहा कि अपनी पार्टी के अध्यक्ष चौ. अजित सिंह से पूछकर ही उन्होंने यह बयान दिया है।
वह चाहते हैं कि मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ से चुनाव जीतें और इसके लिए वह जो भी मदद कर सकते हैं, करेंगे।