अमर सिंह ने 55 दिन पुराने इंटरव्यू के आधार पर आजम खां पर दर्ज करवाई एफआईआर, ये था पूरा मामला
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सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां पर एफआईआर दर्ज करवाने के बाद सांसद अमर सिंह ने आरोप लगाया कि आजम खां ने 23 अगस्त को एक निजी न्यूज चैनल पर साक्षात्कार दिया था।
आजम ने कहा कि-इसमें आजम से जब एंकर ने मेरे बारे में पूछा तो पूर्व मंत्री का जवाब था कि जिस दिन अमर सिंह और इन जैसों को, इनके परिवार सहित मार दिया जाएगा और इनकी बहू बेटियों को तेजाब से गलाया जाएगा, तभी मुजफ्फरनगर और गुजरात जैसे दंगे नहीं होंगे।
आजम पूरे देश में दंगा करवाकर शांति भंग करवाना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने मुजफ्फरनगर और गुजरात दंगे के बारे में भी कहा। अमर सिंह ने आरोप लगाया कि आजम खां ने उनको अवसरवादी कहा, जो उनकी सामाजिक व राजनीतिक छवि को खराब करने की साजिश है।
आजम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संकेत करते हुए कहा कि अमर सिंह से दूरी बना कर रखिए, कहीं ऐसा न हो कि वह आपकी जिंदगी में इतना घुस जाए कि वह आपके कमरे में बिछे चादर का रंग भी बता देगा। इस बयान से मेरी छवि खराब की जा रही है।
जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना गलत तरीके से हुई
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर अमर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना ही गलत तरीके से हुई है। आखिर तीन दिन के राज्यपाल ने इसके लिए कैसे अनुमति दे दी।
उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत इसके सारे दस्तावेज मांगे हैं। दस्तावेज मिलते ही वे कोर्ट में अपील करेंगे। आखिर एक सार्वजनिक विश्वविद्यालय को पीढ़ी दर पीढ़ी एक व्यक्ति के आधिपत्य में कैसे दिया जा सकता है।
पद छोड़ें डीजीपी
अमर सिंह ने पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह से पद छोड़ने की मांग की है। कन्नौज, मैनपुरी, कानपुर होते हुए लखनऊ पहुंचे अमर सिंह ने कहा कि डीजीपी ओपी सिंह के नेतृत्व में पुलिस की कार्यशैली से सरकार की छवि खराब हो रही है। डीजीपी या तो पुलिस को सुधार लें या पद छोड़ दें।