फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   amar singh controversial statements on mulayam singh yadav.

अमर के 10 जहरीले बयान, कहां था मुलायम प्रेम?

Fri, 31 Oct 2014 11:03 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 31 Oct 2014 11:03 AM IST
विज्ञापन
amar singh controversial statements on mulayam singh yadav.

सियासत के गलियारों में कुछ भी हो सकता है। हाथों के खंजरों को फूलों के गुलदस्तों में तब्दील होते देर नहीं लगती। फिर, मुलायम की अमर प्रेम कथा तो यूं भी काफी मशहूर रही है। राज्यसभा की 10 सीटें खाली हो रही हैं और अमर सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है, तो दूरियां भी खत्म होने लगी हैं।

विज्ञापन


ये वही अमर सिंह है, जिनके लिए 2009 के लोकसभा चुनाव में तो सपा ने आजम खां की आवाज अनसुनी कर दी थी। आजम खां नहीं चाहते थे कि अमर सिंह की नजदीकी जयाप्रदा को रामपुर से लोकसभा का टिकट दिया जाए। इसी मुद्दे पर आजम सपा छोड़ गए।
विज्ञापन


आजम के विरोध के बावजूद जयाप्रदा सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ीं और जीती भीं। बाद में अमर सिंह के सपा नेतृत्व से रिश्तों में तल्खी आती चली गई। यह रिश्तों के अलगाव तक पहुंच गई। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में अमर सिंह ने अपनी पार्टी बनाकर उम्मीदवार खड़े किए और सपा पर जमकर निशाना साधा। उसके बाद, निशाने पक्के और व्यंग्यबाण जहरीले होते चले गए। हालांकि, 2014 लोकसभा चुनाव में अमर रालोद की बांसुरी बजाने लगे, जयाप्रदा भी साथ चली गईं। दोनों फतेहपुर सीकरी और बिजनौर से लड़े और हारे।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब नई सियासत जारी है। चर्चा जोरों पर है कि अमर सिंह राज्यसभा में टिके रहने के लिए नेताजी का दामन थाम रहे हैं। पर, क्या मुलायम अमर के जहर में भीगे हुए व्यंगबाण कभी भूल पाएंगे?

फिर मुलायम पर किए जुबानी हमले

amar singh controversial statements on mulayam singh yadav.

1- सपा से निकाले जाने के बाद मार्च 2010 में अमर सिंह बोले, ‘मुलायम सिंह या तो आप लोहियावादी नहीं हैं या फिर अपने स्वार्थी मुलायमवाद का सफेद झूठ लोहिया जी पर मढ़ना चाहते हैं। ऐसा लगता है कि सारी नेतृत्व क्षमता, गुणवत्ता सिर्फ एक ही परिवार में है। मेरी गलती थी कि मैंने 14 साल से हो रही इस धांधली को नहीं देखा।’

2- 23 अक्तूबर 2010 को बोले, ‘मुलायम सिंह यादव ने लोहिया के सिद्धांतों की बलि चढ़ा दी है। लोहिया ने कभी भाई-भतीजावाद को बढ़ावा नहीं दिया। मुलायम इसी को बढ़ावा दे रहे हैं। समाजवादी पार्टी में सिर्फ दो अपवाद थे। एक जनेश्वर मिश्र और दूसरे अमर सिंह। एक को राम जी खा गए तो दूसरे को रामगोपाल।’

3- 21 फरवरी 2012 को कहा, ‘यूपी के भ्रष्टाचार में मुख्यमंत्री मायावती और मुलायम सिंह यादव दोनों साझीदार हैं। मुलायम सिंह एक पहिए की साइकिल चलाने वाले जोकर हैं।’

4- इसी वर्ष 12 अप्रैल को कहा, ‘मुलायम सिंह ने बलात्कार पर बयान दिया है कि लड़के हैं। मन मचल जाता है। ऐसा लगता है कि मुलायम सिंह का वश चले तो रेप को भी जायज कर दें।’

प्रेम का पोस्टमार्टम करते रहे अमर!

amar singh controversial statements on mulayam singh yadav.

5- तल्‍खी के दिनों में अमर ने मुलायम को निशाना बनाते हुए यहां तक कह दिया था 14 साल तक वह उनके दर्जी और कूड़ेदान का काम करते रहे, लेकिन पार्टी से निकल जाने के बाद मुलायम अपनी अच्छी-बुरी राजनीति के खुद जिम्मेदार हैं।

6- अमर ने अपने ब्लॉग पर लिखा था, 'मैंने कहा था कि मैं मुलायम का मात्र दर्जी और कूड़ेदान हूँ। उनकी गलत-सलत नीतियों को नैतिकता का कपड़ा सिलकर सँवारने का मैं 14 साल का अपराधी हूँ, लेकिन दल की गलतियों का श्रेय लेने वाला कूड़ेदान अब मैं नहीं रहा।'

7- अमर ने यह भी लिखा, 'मुलायम अब आप अपनी अच्छी-बुरी राजनीति के अकेले दर्जी और कूड़ेदान खुद हैं। आपको अपनी भूमिका मुबारक और मेरे राजनीतिक निर्वाण के लिए शुक्रिया।'

8- अमर ने यह भी कहा था मैं मुलायम के लिए एकलव्य बनकर संतुष्ट हूं, पर एकलव्य की तरह अपना अंगूठा उन्हें नहीं दूंगा।

इन आरोपों को भूल गए मुलायम‍?

amar singh controversial statements on mulayam singh yadav.

अमर, मुलायम दोस्ती के परवान न चढ़ने का तर्क देने वाले उन बयानों की याद दिलाते हैं जो अमर सिंह ने सपा से बाहर होने के बाद बीते चार वर्षों में मुलायम सिंह यादव और सपा के अन्य नेताओं पर दिए।

9- अमर ने लोकसभा चुनाव तक मुलायम पर कई तल्ख टिप्पणियां कीं। कभी उन्हें लोहियावादी की जगह परिवारवादी करार दिया तो कभी सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें अपने निष्कासन के लिए जिम्मेदार ठहराया।

10- हद तो यह रही है कि अमर सिंह ने मुलायम पर बलात्कारियों का सहयोग करने तक का आरोप लगा दिया।

ऐसी स्थिति में अमर की सपा के कुनबे में दोबारा आसानी से समायोजित होने की संभावना सपाइयों को काफी मुश्किल लग रही है। हालांकि, सब ये भी जानते हैं कि मुलायम कभी भी कुछ भी फैसला ले सकते हैं। किसी को खराब लगे, तो लगता रहे।

अचानक मुलायमवादी बन गए अमर?

amar singh controversial statements on mulayam singh yadav.

चार साल बाद मुलायम से जुदाई की दीवार तोड़ जनेश्वर मिश्र पार्क के उद्घाटन पर नजर आए अमर सिंह ने भावुक अंदाज में भाषण दिया।

अमर सिंह ने कहा कि यहां मेरी मौजूदगी राजनीतिक नहीं, ब‌ल्कि व्यक्तिगत है। उन्होंने यह भी कहा कि मैं वर्तमान में जिया हूं। अमर ने बीते दिनों को याद करते हुए कहा, 'ये अद्भुत अवसर है। मेरे ऊपर राजनीतिक आरोप हैं पर मैं समाजवादी नहीं मुलायमवादी हूं। मैंने जनेश्वर जी के साथ भी सदन में वक्त बिताया है।'

हालांकि, अमर सिंह की मौजूदगी सपा के ही तमाम समर्थकों को नागवार गुजरी और भाषण के दौरान अमर सिंह मुर्दाबाद के नारे भी लगे। अमर सिंह ने कहा कि बीच रास्ते में कोई छोड़ गया है मुझको।

एक जमाने में अमर सिंह को सपा मुखिया मुलायम सिंह का करीबी और भरोसेमंद माना जाता था। पार्टी और सरकार के स्तर से होने वाले फैसलों में उनकी अहम भूमिका होती थी।

ये है अमर प्रेम की असली वजह

amar singh controversial statements on mulayam singh yadav.

रालोद के टिकट पर लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमा चुके अमर सिंह व जयाप्रदा की नजर अब यूपी में नवंबर माह में होने वाले राज्यसभा के चुनाव पर है। नवंबर माह में यूपी से राज्यसभा के दस सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
 
राज्यसभा चुनावों को देखते हुए अमर सिंह सपा मुखिया मुलायम सिंह से अपनी नजदीकियां बढ़ा रहे हैं। अगर बात बन गई तो वह अपने साथ जयाप्रदा के लिए भी राज्यसभा में सीट पक्की करा सकते हैं, लेकिन इस राह में सबसे बड़ी बाधा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खां बन सकते हैं।

गौरतलब है कि यूपी से राज्यसभा के 31 सदस्यों में से 10 का कार्यकाल नंवबर माह में पूरा हो रहा है। इनमें छह बसपा, एक सपा, एक भाजपा और दो निर्दलीय हैं।

विधायकों की संख्या से हिसाब से इस बार बसपा अपने छह सदस्यों को राज्यसभा में भेजने की स्थिति में नहीं है। इस बार बाजी सपा के हाथ में रहेगी।

सपा आसानी से छह सदस्यों को राज्यसभा में भेजने की स्थिति में है। ऐसी स्थिति में अमर सिंह इस जुगाड़ में हैं कि वह अपने साथ-साथ जयाप्रदा के लिए भी जगह बना लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed