मथुरा हिंसा: अमर बोले, यूपी सरकार नहीं केंद्र है जिम्मेदार
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सपा से राज्यसभा सांसद बनने के दूसरे ही दिन अमर सिंह मथुरा हिंसा मामले में सपा सरकार और वरिष्ठ मंत्री शिवपाल यादव के बचाव में मैदान में उतर पड़े।
उन्होंने कहा कि मथुरा कांड यूपी सरकार की नहीं केंद्र और खासतौर से केंद्रीय गृहमंत्रालय व केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की विफलता है। केंद्र के अधीन काम करने वाली आईबी फेल हुई है। केंद्र ने प्रदेश सरकार को इनपुट दिया होता यह घटना न होती। सरकार इसे रोकने को तत्परता से कार्रवाई करती।
उन्होंने अतीत के नेताओं के बीच सियासी शिष्टाचार का उल्लेख किया। कहा कि मथुरा की घटना पर प्रदेश सरकार ने जिस खूबसूरत तरीके से नियंत्रण पाया। उसकी प्रशंसा होनी चाहिए थी। पर, भाजपा इसे मुद्दा बनाने में जुट गई।
प्रदेश सरकार और शिवपाल पूरी तरह निर्दोष हैं। केंद्र की गलती प्रदेश सरकार पर थोपी जा रहा है। वह रविवार को यहां सपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ शिवपाल यादव भी थे। इसके बाद शिवपाल और अमर ने एक-दूसरे को मीठा भी खिलाया।
उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश का सियासी शिष्टाचार इतिहास में दर्ज रहा हो वहां सिर्फ सियासी लाभ के लिए इस तरह की घटना को मुद्दा बनाया जाए। कहा कि दूसरे बड़े भाई केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी हमलावर हो गए। बड़े भाई को बताना चाहता हूं कि प्रदेश के पास इस बात की जानकारी है कि मथुरा की घटना में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड तथा उड़ीसा से आए नक्सलियों ने इतना बड़ा उपद्रव किया। जिसमें यूपी पुलिस के दो बहादुर अफसर शहीद हो गए।
'मथुरा में नक्सलियों की सूचना प्रदेश सरकार को क्यों नहीं दी'
अमर सिंह ने कहा कि सवाल करना चाहता हूं कि मथुरा में अगर नक्सलियों के कारण इतना बड़ा उपद्रव हुआ तो क्या केंद्र सरकार व केंद्रीय गृहमंत्री की जिम्मेदारी नहीं थी। उन्होंने मथुरा में नक्सलियों के आने की सूचना प्रदेश सरकार को क्यों नहीं दी।
गुजरात से आया नेता धमका रहा
अमित शाह का नाम लिए बिना अमर ने उन पर भी निशाना साधा। कहा कि भाजपा के बहुत बड़े नेता हैं। गुजरात से आते हैं। हमेशा अहंकार की भाषा बोलते हैं। भाषा में न तो संस्कृति है और न सभ्यता। अभद्रता जरूर है। आते ही कह देते हैं कि उपद्रव शिवपाल के लोगों ने किया। शिवपाल का इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके अहंकार को प्रणाम करता हूं।
अपने पापों पर भी बोलें
अमर ने कहा कि भाजपा अपने पापों की पोल खुलने के डर से फिल्म उड़ता पंजाब का विरोध कर रही है। पंजाब में मादक पदाथों की तस्करी में भाजपा का हाथ है। पठानकोट एयरबेस में हुई घुसपैठ के मूल में भी पंजाब का मादक तस्करी गिरोह ही था। जिसकी उड़ता पंजाब में चर्चा है। कहा कि वह खुद कोई आरोप नहीं लगा रहे लेकिन मुंबई उच्च न्यायालय ने परखच्चे उड़ाते हुए कहा है कि वहां मादक पदार्थों का प्रयोग हो रहा है।
हेमा पर बोला हमला
अमर ने कहा कि हेमा मालिनी उनकी बड़ी बहन हैं। वह मथुरा से सांसद भी हैं। पर, जिस दिन मथुरा में यह दर्दनाक घटना घटी उस दिन वह अपनी शूटिंग की फोटो फेसबुक पर डाल रही थी। बेचारी की क्या गलती। हमारे बड़े भाई राजनाथ सिंह ने मथुरा में नक्सलियों के होने का इनपुट अगर दिया होता तब तो उन्हें पता चलता कि उनके संसदीय क्षेत्र में क्या हो रहा है।
कैराना पर बोलने वाले कश्मीरी पंडितों की भी चिंता करें
कैराना से हो रहे पलायन के सवाल पर अमर ने कहा कि कैराना तो बहुत छोटी सी जगह है। वह केंद्र सरकार और भाजपा से पूछना चाहते हैं कि कश्मीर से पंडितों का पलायन क्यों हो रहा है। वहां तो अब उन्हीं की सरकार है।
जय गुरुदेव से हैं संबध
अमर ने कहा कि कुछ शिवपाल के जय गुरुदेव से संबंधों का उल्लेख करके मथुरा मामले में उन्हें घेर रहे हैं। मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि संबंध हैं। मैं भी जाता था और शिवपाल भी उनके यहां जाते थे। वह तो शिवपाल को गोद लेना चाहते थे। पर, इन्होंने स्वीकार नहीं किया। मुझसे कहते तो मैं स्वीकार कर लेता। किसी की कहीं आस्था हो सकती है।
मोदी पर भी निशाना
अमर ने कहा कि परमाणु संधि का विरोध करने वाली भाजपा आज इसका श्रेय ले रही है। उस समय सपा ने ही इस मुद्दे पर तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार का समर्थन किया था। आज दुनिया भर में इसका श्रेय लेने से पहले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का भी आभार जता देना चाहिए।