{"_id":"69a1ff97c06bd463600f2c6b","slug":"along-with-finding-treatment-the-cancer-institute-will-also-create-a-registry-of-patients-lucknow-news-c-13-lko1070-1624667-2026-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: इलाज की तलाश के साथ ही रोगियों की रजिस्ट्री भी बनाएगा कैंसर संस्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: इलाज की तलाश के साथ ही रोगियों की रजिस्ट्री भी बनाएगा कैंसर संस्थान
विज्ञापन
कैंसर संस्थान।
लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में इलाज के साथ ही कैंसर पर शोध भी होगा। इसके लिए संस्थान में 15 एकड़ जमीन पर कैंसर शोध केंद्र बनेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से संस्थान को 15 एकड़ जमीन मिलने जा रही है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य कल्याण सिंह कैंसर संस्थान को उत्तर भारत के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करना है। यह शोध केंद्र कैंसर के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन करेगा। इस पर शासी निकाय ने मुहर लगा दी है। इस कदम से कैंसर के इलाज और रोकथाम को नई दिशा मिलेगी। संस्थान कैंसर देखभाल का प्रमुख केंद्र बनेगा।
रजिस्ट्री से कैंसर के बारे में मिलेगी विस्तृत जानकारी
कैंसर संस्थान में बनने जा रही कैंसर रोगी रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य रोगियों का व्यापक डेटाबेस तैयार करना है। यह रजिस्ट्री कैंसर के प्रकार, चरण, उपचार के परिणाम और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी को संकलित करेगी। इससे चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को कैंसर के पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी। सटीक डेटा उपलब्ध होने से सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों और कैंसर नियंत्रण कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से तैयार किया जा सकेगा।
विज्ञापन
वर्ष 2018 में हुई थी स्थापना, पूरी क्षमता से संचालन का इंतजार
अनुमान के अनुसार, इस समय प्रदेश में ढाई लाख नए कैंसर मरीज हर साल आ रहे हैं, जबकि कुल मरीजों की अनुमानित संख्या छह से सात लाख के करीब है। इसे देखते हुए कैंसर संस्थान को उत्तर भारत के सबसे बड़े कैंसर अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है। संस्थान की स्थापना जनवरी 2018 में हुई थी। डॉक्टर और कर्मचारियों की कमी की वजह से अब भी इसका पूरी क्षमता से संचालन नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य कल्याण सिंह कैंसर संस्थान को उत्तर भारत के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करना है। यह शोध केंद्र कैंसर के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन करेगा। इस पर शासी निकाय ने मुहर लगा दी है। इस कदम से कैंसर के इलाज और रोकथाम को नई दिशा मिलेगी। संस्थान कैंसर देखभाल का प्रमुख केंद्र बनेगा।
विज्ञापन
रजिस्ट्री से कैंसर के बारे में मिलेगी विस्तृत जानकारी
कैंसर संस्थान में बनने जा रही कैंसर रोगी रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य रोगियों का व्यापक डेटाबेस तैयार करना है। यह रजिस्ट्री कैंसर के प्रकार, चरण, उपचार के परिणाम और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी को संकलित करेगी। इससे चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को कैंसर के पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी। सटीक डेटा उपलब्ध होने से सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों और कैंसर नियंत्रण कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से तैयार किया जा सकेगा।
विज्ञापन
वर्ष 2018 में हुई थी स्थापना, पूरी क्षमता से संचालन का इंतजार
अनुमान के अनुसार, इस समय प्रदेश में ढाई लाख नए कैंसर मरीज हर साल आ रहे हैं, जबकि कुल मरीजों की अनुमानित संख्या छह से सात लाख के करीब है। इसे देखते हुए कैंसर संस्थान को उत्तर भारत के सबसे बड़े कैंसर अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है। संस्थान की स्थापना जनवरी 2018 में हुई थी। डॉक्टर और कर्मचारियों की कमी की वजह से अब भी इसका पूरी क्षमता से संचालन नहीं हो पा रहा है।