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शाह के बूथ जीतो सीट जीतो, मंत्र से आगे बढ़े भाजपा अध्यक्ष, पन्ना कमेटियों के गठन का एलान
Fri, 22 Jan 2021 09:58 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 22 Jan 2021 09:58 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पंचायत चुनाव से लेकर मिशन 2022 और 2024 में पार्टी का झंडा फहराने के लिए मंडल पदाधिकारियों एवं बूथ अध्यक्षों को बूथ मैनेजमेंट पर ध्यान देने को कहा है। इसके लिए उन्होंने प्रत्येक बूथ पर पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति तथा पन्ना कमेटियों का गठन करने को कहा। भाजपा की जीत के लिए पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के ‘बूथ जीतो-सीट जीतो’ और ‘अपना बूथ, सबसे मजबूत’ मंत्र को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को गांव के लोगों से सतत, सहज, सघन और सौम्यता से संपर्क व संवाद का सूत्र समझाया।
चुनावी जीत और सांगठनिक मजबूती का रोडमैप बनाने के लिए दो दिनी दौरे पर आए नड्डा ने दूसरे दिन शुक्रवार का काम सरकार व संगठन के कामों व योजनाओं की जमीनी सच्चाई समझने तथा संगठन के संदेश को सीधे जमीनी कार्यकर्ताओं को समझाने से शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने राजधानी के चिनहट ग्रामीण मंडल के कार्यकर्ताओं और फिर लखनऊ महानगर व जिले के बूथ अध्यक्षों से संवाद किया। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों, अवध व कानपुर के क्षेत्रीय अध्यक्षों व पदाधिकारियों तथा जिला अध्यक्षों के संग बैठक की। इसके बाद सांसदों-विधायकों की बैठक कर उन्हें भी संगठन की लगातार मजबूती पर ध्यान देने और काम करने का एजेंडा सौंपा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी शामिल हुए।
बूथ अध्यक्षों को समझाए काम
नड्डा ने कहा कि हर बूथ पर किसी न किसी कार्यकर्ता को पन्ना प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपे। जब सभी बूथों पर पन्ना प्रमुख नियुक्त हो जाएं तो वहां पन्ना कमेटियों का गठन करें। उन्होंने मंच पर बैठे प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को इस सूत्र को प्रदेश के सभी बूथों पर लागू करने का संदेश भी दिया। कहा, सिर्फ इस काम से ही कई लक्ष्य सध जाएंगे। उन्होंने बूथ अध्यक्षों व मंडल कार्यकर्ताओं को लोगों को जोड़ने के तौर-तरीके भी समझाए। कहा कि मंडल और बूथों पर काम करने वाले कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में न सिर्फ एक-दूसरे, बल्कि वहां रहने वालों के भी सुख-दुख में शामिल हों। समरसता का संदेश देने के लिए बूथों पर सहभोज का आयोजन करें। इसमें सभी अपने घर से लाए भोजन को दूसरे को खिलाएं और उनके भोजन को खुद ग्रहण करें। हर मंडल के पदाधिकारी को कोई न कोई बूथ मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी जाए और बूथ समिति में समाज के सभी वर्गों को जोड़ा जाए।
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मन की बात भी संपर्क का सूत्र
नड्डा ने कहा कि कार्यकर्ता पीएम मोदी की मन की बात सुनें और दूसरों को भी सुनने के लिए प्रेरित करें। हर कार्यक्रम में प्रधानमंत्री कुछ अलग काम करने वाले किसी व्यक्ति के बारे में बात करते हैं। कार्यकर्ताओं को ऐसे लोगों से संपर्क और संवाद कर उनके कामों को समाज में विस्तार देकर यह संदेश देना चाहिए कि भाजपा सिर्फ राजनीतिक दल नहीं, बल्कि उनका परिवार है।
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चुनावी जीत और सांगठनिक मजबूती का रोडमैप बनाने के लिए दो दिनी दौरे पर आए नड्डा ने दूसरे दिन शुक्रवार का काम सरकार व संगठन के कामों व योजनाओं की जमीनी सच्चाई समझने तथा संगठन के संदेश को सीधे जमीनी कार्यकर्ताओं को समझाने से शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने राजधानी के चिनहट ग्रामीण मंडल के कार्यकर्ताओं और फिर लखनऊ महानगर व जिले के बूथ अध्यक्षों से संवाद किया। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों, अवध व कानपुर के क्षेत्रीय अध्यक्षों व पदाधिकारियों तथा जिला अध्यक्षों के संग बैठक की। इसके बाद सांसदों-विधायकों की बैठक कर उन्हें भी संगठन की लगातार मजबूती पर ध्यान देने और काम करने का एजेंडा सौंपा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी शामिल हुए।
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बूथ अध्यक्षों को समझाए काम
नड्डा ने कहा कि हर बूथ पर किसी न किसी कार्यकर्ता को पन्ना प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपे। जब सभी बूथों पर पन्ना प्रमुख नियुक्त हो जाएं तो वहां पन्ना कमेटियों का गठन करें। उन्होंने मंच पर बैठे प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को इस सूत्र को प्रदेश के सभी बूथों पर लागू करने का संदेश भी दिया। कहा, सिर्फ इस काम से ही कई लक्ष्य सध जाएंगे। उन्होंने बूथ अध्यक्षों व मंडल कार्यकर्ताओं को लोगों को जोड़ने के तौर-तरीके भी समझाए। कहा कि मंडल और बूथों पर काम करने वाले कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में न सिर्फ एक-दूसरे, बल्कि वहां रहने वालों के भी सुख-दुख में शामिल हों। समरसता का संदेश देने के लिए बूथों पर सहभोज का आयोजन करें। इसमें सभी अपने घर से लाए भोजन को दूसरे को खिलाएं और उनके भोजन को खुद ग्रहण करें। हर मंडल के पदाधिकारी को कोई न कोई बूथ मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी जाए और बूथ समिति में समाज के सभी वर्गों को जोड़ा जाए।
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मन की बात भी संपर्क का सूत्र
नड्डा ने कहा कि कार्यकर्ता पीएम मोदी की मन की बात सुनें और दूसरों को भी सुनने के लिए प्रेरित करें। हर कार्यक्रम में प्रधानमंत्री कुछ अलग काम करने वाले किसी व्यक्ति के बारे में बात करते हैं। कार्यकर्ताओं को ऐसे लोगों से संपर्क और संवाद कर उनके कामों को समाज में विस्तार देकर यह संदेश देना चाहिए कि भाजपा सिर्फ राजनीतिक दल नहीं, बल्कि उनका परिवार है।
बूथ अध्यक्ष चाहें तो सब आसान
नड्डा ने बूथ अध्यक्षों को उनकी ताकत का एहसास कराते हुए कहा कि कार्यकताओं को हवा में नहीं, बल्कि तथ्यों पर बात करनी चाहिए। बूथ अध्यक्ष ठान लें तो, न सिर्फ भाजपा गांव-गांव सक्रिय और सरोकारी बनने के साथ लोगों के लिए प्रासंगिक बनी रहेगी, बल्कि सरकार की योजनाओं का भी सही तरीके से क्रियान्वयन होने लगेगा। जरूरत मंदों तक सरकार की योजनाएं आसानी से पहुंच जाएंगी। उन्होंने कहा कि बूथ अध्यक्ष संकल्प लें कि गरीबों और अन्य लोगों के लिए मोदी व योगी सरकार के कामों का लाभ एक-एक व्यक्ति तक पहुंचाना है।
कार्यकर्ता को आगे बढ़ने का मौका मिलता है
भाजपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं की नब्ज पर हाथ रखते हुए कहा भाजपा छोड़ अन्य सभी दल परिवारवाद और जातिवाद पर आधारित हैं। सिर्फ भाजपा में ही कार्यकर्ता को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। आप भाजपा की राजनीति में चाहे स्वेच्छा अथवा आकस्मात आए हैं, लेकिन सही जगह आए हैं। सिर्फ यही पार्टी है जिसमें साधारण परिवार से आने वाले नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री, नड्डा राष्ट्रीय अध्यक्ष, अमित शाह गृहमंत्री, राजनाथ सिंह रक्षामंत्री और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इनमें किसी के परिवार में पहले किसी ने राजनीति नहीं की।
अब मैं उनसे सवाल करता हूं
नड्डा ने कहा, मैं शुरुआती दिनों में भाजपा में आया था। मेरे मित्र हंसकर पूछते थे, तुम्हें राजनीति आती भी है। आज मैं उनसे पूछता हूं, क्या आप राजनीति जानते हैं। भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ आगे बढ़ी है। वामपंथी पेट की भूख को सबसे बड़ा मानते हैं। पर दीनदयाल उपाध्याय की राह पर चलने वाली भाजपा एकात्म मानववाद को मानती है। इसी का नतीजा है कि यहां जो लोग बैठे हैं वे किसी राजनीतिक घराने का प्रतिनिधित्व नहीं करते। सिर्फ भाजपा ही है जिसके पास नेता, नीति, नीयत, कार्यक्रम और कार्यकर्ता सभी हैं।
मंडल व सेक्टर पदाधिकारी भी गांव में बिताएं एक दिन व रात
नड्डा ने लखनऊ प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रदेश पदाधिकारियों के बाद नीचे के कार्यकर्ताओं और मंडल पदाधिकारियों को भी हर महीने एक दिन व रात गांव में निवास की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों के साथ अवध व कानपुर के क्षेत्र अध्यक्षों, क्षेत्रीय पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों को जमीनी आधार मजबूत बनाने के लिए सक्षम मंडल, समर्थ मंडल और सर्वप्रिय मंडल सूत्र समझाया। पार्टी कार्यालय पर हुई इस बैठक में शामिल पदाधिकारियों को हर महीने एक दिन व रात गांव में बिताने का लक्ष्य सौंपते हुए नड्डा ने कहा कि इसके जरिये लोगों की समस्याओं और जरूरतों की जानकारी लेकर उस पर काम किया जाए ताकि उन्हें एहसास हो कि भाजपा उनके सुख-दुख और समस्याओं का ध्यान रखने वाले जिम्मेदार कार्यकर्ताओं की पार्टी है। साथ ही संगठन व सरकार के कामों का फीडबैक लिया जाए। उन्होंने पदाधिकारियों को मंडल इकाइयों को सक्रिय रखने और उन्हें समर्थ बनाने की जिम्मेदारी सौंपी।
कार्यकर्ता को आगे बढ़ने का मौका मिलता है
भाजपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं की नब्ज पर हाथ रखते हुए कहा भाजपा छोड़ अन्य सभी दल परिवारवाद और जातिवाद पर आधारित हैं। सिर्फ भाजपा में ही कार्यकर्ता को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। आप भाजपा की राजनीति में चाहे स्वेच्छा अथवा आकस्मात आए हैं, लेकिन सही जगह आए हैं। सिर्फ यही पार्टी है जिसमें साधारण परिवार से आने वाले नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री, नड्डा राष्ट्रीय अध्यक्ष, अमित शाह गृहमंत्री, राजनाथ सिंह रक्षामंत्री और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इनमें किसी के परिवार में पहले किसी ने राजनीति नहीं की।
अब मैं उनसे सवाल करता हूं
नड्डा ने कहा, मैं शुरुआती दिनों में भाजपा में आया था। मेरे मित्र हंसकर पूछते थे, तुम्हें राजनीति आती भी है। आज मैं उनसे पूछता हूं, क्या आप राजनीति जानते हैं। भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ आगे बढ़ी है। वामपंथी पेट की भूख को सबसे बड़ा मानते हैं। पर दीनदयाल उपाध्याय की राह पर चलने वाली भाजपा एकात्म मानववाद को मानती है। इसी का नतीजा है कि यहां जो लोग बैठे हैं वे किसी राजनीतिक घराने का प्रतिनिधित्व नहीं करते। सिर्फ भाजपा ही है जिसके पास नेता, नीति, नीयत, कार्यक्रम और कार्यकर्ता सभी हैं।
मंडल व सेक्टर पदाधिकारी भी गांव में बिताएं एक दिन व रात
नड्डा ने लखनऊ प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रदेश पदाधिकारियों के बाद नीचे के कार्यकर्ताओं और मंडल पदाधिकारियों को भी हर महीने एक दिन व रात गांव में निवास की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों के साथ अवध व कानपुर के क्षेत्र अध्यक्षों, क्षेत्रीय पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों को जमीनी आधार मजबूत बनाने के लिए सक्षम मंडल, समर्थ मंडल और सर्वप्रिय मंडल सूत्र समझाया। पार्टी कार्यालय पर हुई इस बैठक में शामिल पदाधिकारियों को हर महीने एक दिन व रात गांव में बिताने का लक्ष्य सौंपते हुए नड्डा ने कहा कि इसके जरिये लोगों की समस्याओं और जरूरतों की जानकारी लेकर उस पर काम किया जाए ताकि उन्हें एहसास हो कि भाजपा उनके सुख-दुख और समस्याओं का ध्यान रखने वाले जिम्मेदार कार्यकर्ताओं की पार्टी है। साथ ही संगठन व सरकार के कामों का फीडबैक लिया जाए। उन्होंने पदाधिकारियों को मंडल इकाइयों को सक्रिय रखने और उन्हें समर्थ बनाने की जिम्मेदारी सौंपी।
प्रत्याशी चयन में दखल न दें सांसद, विधायक : नड्डा
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने दो टूक कहा कि पंचायत चुनाव के प्रत्याशी चुनने में सांसद और विधायक दखल न दें। चुनावी तैयारियों की कार्ययोजना समझाने और फीडबैक जुटाने दो दिन के दौरे पर लखनऊ आए नड्डा ने अभियान के दूसरे दिन कानपुर और अवध क्षेत्र के पार्टी सांसदों व विधायकों से बात की। आचार-व्यवहार सुधारने के साथ रिश्तेदारों व परिवार के लोगों को प्रतिनिधि न बनाने की नसीहत दी।
इस बैठक के बहाने नड्डा ने पार्टी के सभी सांसदों व विधायकों को पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ संपर्क व संवाद बढ़ाने की नसीहत दी। मंडल, सेक्टर और बूथ अध्यक्षों के घर जाने , उन्हें अपने घर भोजन पर बुलाकर जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ रिश्तों को सहज बनाकर चुनावी समीकरण दुरुस्त करने का सूत्र समझाया।
आम लोगों को तवज्जों दें...
नड्डा ने कहा कि कुछ सांसदों और विधायकों का आम लोगों के साथ व्यवहार सहज, शिष्ट और सौम्य नहीं दिखता। पार्टी को यह स्वीकार नहीं है। व्यवहार में शिष्टता व सौम्यता रखें। कोई आम आदमी मिलने आए तो उसे सम्मान दें। अपनत्व के साथ समस्या सुनें और समाधान का तत्काल प्रयास करें। किसी अधिकारी से बात करनी हो तो करें।
शादी-मुंडन में जाना जनसंपर्क नहीं
नड्डा ने कहा- कुछ सांसद-विधायक शादी व निमंत्रण में जाने को ही जनसंपर्क व जनसेवा समझने लगते हैं। इसे जनसंपर्क और जनसंवाद या दायित्व निर्वाह नहीं कहा जा सकता। यह चुनावी साल है। प्रतिदिन की कार्ययोजना बनाकर सरकार के कामों को आम लोगों तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ निकलें। लोगों की समस्याएं सुनें और समाधान करने के साथ विकास पर फोकस करें।
इस बैठक के बहाने नड्डा ने पार्टी के सभी सांसदों व विधायकों को पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ संपर्क व संवाद बढ़ाने की नसीहत दी। मंडल, सेक्टर और बूथ अध्यक्षों के घर जाने , उन्हें अपने घर भोजन पर बुलाकर जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ रिश्तों को सहज बनाकर चुनावी समीकरण दुरुस्त करने का सूत्र समझाया।
आम लोगों को तवज्जों दें...
नड्डा ने कहा कि कुछ सांसदों और विधायकों का आम लोगों के साथ व्यवहार सहज, शिष्ट और सौम्य नहीं दिखता। पार्टी को यह स्वीकार नहीं है। व्यवहार में शिष्टता व सौम्यता रखें। कोई आम आदमी मिलने आए तो उसे सम्मान दें। अपनत्व के साथ समस्या सुनें और समाधान का तत्काल प्रयास करें। किसी अधिकारी से बात करनी हो तो करें।
शादी-मुंडन में जाना जनसंपर्क नहीं
नड्डा ने कहा- कुछ सांसद-विधायक शादी व निमंत्रण में जाने को ही जनसंपर्क व जनसेवा समझने लगते हैं। इसे जनसंपर्क और जनसंवाद या दायित्व निर्वाह नहीं कहा जा सकता। यह चुनावी साल है। प्रतिदिन की कार्ययोजना बनाकर सरकार के कामों को आम लोगों तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ निकलें। लोगों की समस्याएं सुनें और समाधान करने के साथ विकास पर फोकस करें।