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सड़क हादसे व जनहानि रोकने को सभी विभाग मिलकर बनाएं कार्ययोजना: योगी
Fri, 09 Oct 2020 11:13 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 09 Oct 2020 11:13 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं एवं इनमें होने वाली जनहानि को रोकने के लिए सभी विभागों के समन्वय से कार्य योजना बनाई जाए। परिवहन या गृह विभाग इसका नोडल विभाग बनाया जाए। इस संबंध में होने वाली गतिविधियों की मुख्य सचिव के स्तर पर मासिक प्रगति समीक्षा की जाए। वह खुद छमाही समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को अपने आवास पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं में व्यापक जन व धन हानि होती है। प्रदेश में कोविड-19 से अभी तक जितनी जनहानि हुई है, उससे तीन गुना ज्यादा लोगों ने 2019-20 में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाई है। इसेध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल करने की जरूरत है। उन्होंने दीपावली से पूर्व सड़क सुरक्षा संबंधी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान बस स्टैंड व रेलवे स्टेशनों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम किए जाएं। स्कूल, कॉलेजों में सड़क सुरक्षा संबंधी गोष्ठियां की जाएं।
सभी एंबुलेंस को 108 के साथ इंटीग्रेट करें
सीएम योगी ने कहा कि सभी चयनित स्मार्ट सिटी और राज्य सरकार के संसाधन से विकसित किए जाने वाले 7 नगर निगमों में इंटीग्रेटेड ट्र्रैिफक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को त्वरित गति से पूरा किया जाए। आधुनिक तकनीक की यह व्यवस्था आपराधिक घटनाओं के नियंत्रण में भी बहुत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना वाले क्षेत्रों के नजदीकी ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों की उपलब्धता रहनी चाहिए। घायलों के जल्द से जल्द उपचार के लिए यूपीडा, यीडा, एनएचएआई की एंबुलेंस को ‘108’ एंबुलेंस सेवा के साथ इंटीग्रेट किया जाए।
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मुख्यमंत्री शुक्रवार को अपने आवास पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं में व्यापक जन व धन हानि होती है। प्रदेश में कोविड-19 से अभी तक जितनी जनहानि हुई है, उससे तीन गुना ज्यादा लोगों ने 2019-20 में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाई है। इसेध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल करने की जरूरत है। उन्होंने दीपावली से पूर्व सड़क सुरक्षा संबंधी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान बस स्टैंड व रेलवे स्टेशनों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम किए जाएं। स्कूल, कॉलेजों में सड़क सुरक्षा संबंधी गोष्ठियां की जाएं।
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सभी एंबुलेंस को 108 के साथ इंटीग्रेट करें
सीएम योगी ने कहा कि सभी चयनित स्मार्ट सिटी और राज्य सरकार के संसाधन से विकसित किए जाने वाले 7 नगर निगमों में इंटीग्रेटेड ट्र्रैिफक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को त्वरित गति से पूरा किया जाए। आधुनिक तकनीक की यह व्यवस्था आपराधिक घटनाओं के नियंत्रण में भी बहुत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना वाले क्षेत्रों के नजदीकी ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों की उपलब्धता रहनी चाहिए। घायलों के जल्द से जल्द उपचार के लिए यूपीडा, यीडा, एनएचएआई की एंबुलेंस को ‘108’ एंबुलेंस सेवा के साथ इंटीग्रेट किया जाए।
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ओवरलोडिंग रोकने को संयुक्त टीम बनाएं
ओवर स्पीडिंग व गलत साइड ड्राइविंग से बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं होती हैं। इन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। ओवरलोडिंग रोकने के लिए पुलिस व परिवहन विभाग की संयुक्त टीम गठित की जाए। महिला सुरक्षा के लिए विशेष और प्रभावी कदम उठाए जाएं। प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह एवं परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने सड़क सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया।
स्कूली वाहनों की फिटनेस की कार्यवाही की जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिनों सभी स्कूल बंद चल रहे हैं। स्कूलों के खुलने से पहले अभियान चलाकर स्कूली वाहनों की फिटनेस की कार्यवाही पूर्ण कर ली जाए। बसों की नियमित सर्विस और ड्राइवरों का नियमित हेल्थ चेकअप किया जाए। उन्होंने परिवहन निगम को असेवित गांवों में बसों के संचालन की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
पीपीपी मोड में बनाएं ड्राइविंग इंस्टीट्यूट
सीएम योगी ने कहा कि ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीआई) की स्थापना पीपीपी मोड पर कराई जाए। ट्रैफिक व्यवस्था के संचालन को आवश्यक पुलिस कर्मियों की अलग से व्यवस्था की जाए। इसके लिए आवश्यकता के अनुसार भर्ती की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन की कार्यवाही सद्भावपूर्ण होनी चाहिए। वाहनों के चालान के निस्तारण की त्वरित व्यवस्था की जाए।
स्कूली वाहनों की फिटनेस की कार्यवाही की जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिनों सभी स्कूल बंद चल रहे हैं। स्कूलों के खुलने से पहले अभियान चलाकर स्कूली वाहनों की फिटनेस की कार्यवाही पूर्ण कर ली जाए। बसों की नियमित सर्विस और ड्राइवरों का नियमित हेल्थ चेकअप किया जाए। उन्होंने परिवहन निगम को असेवित गांवों में बसों के संचालन की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
पीपीपी मोड में बनाएं ड्राइविंग इंस्टीट्यूट
सीएम योगी ने कहा कि ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीआई) की स्थापना पीपीपी मोड पर कराई जाए। ट्रैफिक व्यवस्था के संचालन को आवश्यक पुलिस कर्मियों की अलग से व्यवस्था की जाए। इसके लिए आवश्यकता के अनुसार भर्ती की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन की कार्यवाही सद्भावपूर्ण होनी चाहिए। वाहनों के चालान के निस्तारण की त्वरित व्यवस्था की जाए।