ये जनाब भी दूध के धुले नहीं हैं
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) से मिले बजट को खर्च करने
वहां के प्रभारी ने डीजल के मद में मिली रकम को नकद खर्च कर दिया। नियमानुसार चेक से ही उसका भुगतान किया जाना था। सीएमओ कार्यालय ने मामले की जांच के लिए काकोरी प्रभारी को तलब किया है।
एनआरएचएम
से मिलने वाले लाखों-करोड़ों के बजट में सेंधमारी का सिलसिला थम नहीं रहा
है। कुछ दिनों पहले मोहनलालगंज सीएचसी के प्रभारी डॉ. योंगेंद्र सिंह को 27
लाख रुपये के अनियमित खर्च के चलते हटाया गया था।
वहीं अब काकोरी सीएचसी
के प्रभारी डॉ. अली जहूर रिजवी पर भी गाज गिरी है। उन्होंने डीजल के मद में
1.5 लाख रुपये का नगद भुगतान कर दिया। जबकि नियमत: ये भुगतान चेक से किया
जाना था।
एक पखवारे के अंदर ही दो सीएचसी में वित्तीय अनियमितता पकड़े जाने
के बाद सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। एसीएमओ डॉ. राजेंद्र कुमार
का कहना है कि प्रभारी अली जहूर रिजवी को दो बार नोटिस दी जा चुकी है।
उन्हें पूछताछ के लिए सीएमओ कार्यालय बुलाया गया है। सभी दस्तावेज जब्त कर
उनका ऑडिट किया जा रहा है। प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता पाई गई थी।
जांच के बाद प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।