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अब निकाय बंदरों से दिलाएंगे निजात
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Tue, 10 Dec 2013 09:18 AM IST
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निकाय शहरों में उत्पाती बंदरों या फिर अन्य पशुओं के आतंक से लोगों को
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निजात दिलाएंगे।
उनसे इस बारे में प्रस्ताव मांगा गया है। स्थानीय निकाय निदेशक ने अधिकारियों से पशु कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में प्रस्ताव मांगा है।
इसमें कहा गया है कि एनिमल बर्थ कंट्रोल स्कीम, एनिमल एंबुलेंस, एनिमल शेल्टर और उत्पाती बंदरों की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है।
इसके आधार पर निकायों को प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्रदेश में 630 निकाय हैं। इसमें 13 नगर निगम, 194 पालिका परिषद और 423 नगर पंचायतें हैं।
निकाय शहरी क्षेत्रों में लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं देने का काम करते हैं। प्रदेश के कई शहरी क्षेत्रों में बंदरों का आतंक है। पर निकायों में इसके लिए बजट न होने की वजह से वे काम नहीं कर पा रहे हैं।
केंद्र ने उत्पाती बंदरों से जनता को निजात दिलाने के लिए बजट की व्यवस्था की है। इसके आधार पर निकायों से प्रस्ताव मांगा गया है।
उनसे कहा गया है कि निर्धारित प्रारूप पर प्रस्ताव उपलब्ध कराएं ताकि इसके आधार पर बजट की मांग की जा सके।
उनसे इस बारे में प्रस्ताव मांगा गया है। स्थानीय निकाय निदेशक ने अधिकारियों से पशु कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में प्रस्ताव मांगा है।
इसमें कहा गया है कि एनिमल बर्थ कंट्रोल स्कीम, एनिमल एंबुलेंस, एनिमल शेल्टर और उत्पाती बंदरों की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है।
इसके आधार पर निकायों को प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्रदेश में 630 निकाय हैं। इसमें 13 नगर निगम, 194 पालिका परिषद और 423 नगर पंचायतें हैं।
निकाय शहरी क्षेत्रों में लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं देने का काम करते हैं। प्रदेश के कई शहरी क्षेत्रों में बंदरों का आतंक है। पर निकायों में इसके लिए बजट न होने की वजह से वे काम नहीं कर पा रहे हैं।
केंद्र ने उत्पाती बंदरों से जनता को निजात दिलाने के लिए बजट की व्यवस्था की है। इसके आधार पर निकायों से प्रस्ताव मांगा गया है।
उनसे कहा गया है कि निर्धारित प्रारूप पर प्रस्ताव उपलब्ध कराएं ताकि इसके आधार पर बजट की मांग की जा सके।