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दर्द याद आया तो भूल गए न्यौता
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Mon, 23 Dec 2013 10:02 AM IST
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पहले तो सार्वजनिक तौर पर हमदर्दी जताते हुए अमेरिका में तैनात राजनयिक को जिल्लत की नौकरी छोड़कर अपने शहर से चुनाव लड़ने का न्यौता दे दिया।
बाद में, अमेरिकी एयरपोर्ट पर अपनी जामा तलाशी का दर्द कुछ गहरा हुआ, तो राय भी बदल गई।
बोले- जब मेरे साथ बदसुलूकी हुई थी, तो इन्हीं राजनयिक ने अमेरिकी कानून का हवाला देते हुए उसे जायज ठहराया था।
अब भी वही कानून है, झेलिए उसकी कार्रवाई।