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शराबी ने चीफ जस्टिस बनकर की डीजीपी को कॉल, हुआ गिरफ्तार
Tue, 12 May 2020 02:20 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2020 02:20 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
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लखनऊ। हजरतगंज पुलिस ने चीफ जस्टिस बनकर डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी को फोन कॉल करने वाले 21 वर्षीय शराबी सूरज पटेल को सोमवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। लखीमपुर निवासी सूरज ने शनिवार को डीजीपी के सीयूजी नंबर पर कॉल की थी। डीजीपी के पीएसओ मनोज ने हजरतगंज कोतवाली में अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ केस दर्ज कराया था, जिसके बाद इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह की टीम ने आरोपी की तलाश कर उसे दबोच लिया।
सूरज कक्षा नौ में तीन बार फेल हो चुका है और शराब का लती है। एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि सूरज पटेल लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी स्थित मोहम्मदपुर दीना का रहने वाला है। वह शराब का आदी है और अक्सर पुलिस अधिकारियों व डायल 112 सेवा में कॉल करके परेशान करता रहता है। शनिवार को उसने डीजीपी के सीयूजी नंबर पर कॉल की। उसकी कॉल पीएसओ उपनिरीक्षक दिनेश कुमार ने रिसीव की थी।
सूरज ने नंबर के बारे में पूछा तो पीएसओ ने बताया कि यह नंबर डीजीपी का है। इस पर उसने खुद को हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बताया। पीएसओ को बातचीत के दौरान शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
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इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि सोमवार को सूरज को दबोच लिया गया। उसके पिता रामफूल वन विभाग में मजदूरी करते हैं। वह अक्सर पुलिस की सीयूजी सिरीज के नंबरों पर कॉल करता है। शनिवार को उसने अनजाने में ही डीजीपी का नंबर मिला दिया।
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सूरज कक्षा नौ में तीन बार फेल हो चुका है और शराब का लती है। एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि सूरज पटेल लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी स्थित मोहम्मदपुर दीना का रहने वाला है। वह शराब का आदी है और अक्सर पुलिस अधिकारियों व डायल 112 सेवा में कॉल करके परेशान करता रहता है। शनिवार को उसने डीजीपी के सीयूजी नंबर पर कॉल की। उसकी कॉल पीएसओ उपनिरीक्षक दिनेश कुमार ने रिसीव की थी।
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सूरज ने नंबर के बारे में पूछा तो पीएसओ ने बताया कि यह नंबर डीजीपी का है। इस पर उसने खुद को हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बताया। पीएसओ को बातचीत के दौरान शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
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इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि सोमवार को सूरज को दबोच लिया गया। उसके पिता रामफूल वन विभाग में मजदूरी करते हैं। वह अक्सर पुलिस की सीयूजी सिरीज के नंबरों पर कॉल करता है। शनिवार को उसने अनजाने में ही डीजीपी का नंबर मिला दिया।