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एकेटीयू करेगा नैक के लिए आवेदन, विश्वविद्यालय में लगेगा प्रिंटिंग प्रेस व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
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लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में शुक्रवार को कुलपति प्रो. पीके मिश्रा ने नैक आवेदन को लेकर समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि विवि जल्द ही नैक के लिए आवेदन करेगा। विश्वविद्यालय की ज्यादातर इंडीकेटरों में अच्छी स्थिति है। जिन इंडीकेटरों पर कार्य करने के आवश्यकता हैं, उन्हें बेहतर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विवि गैर शासकीय अनुदानों को प्राप्त करने के लिए भी काम करेगा। साथ ही शिक्षकों को शोध, शिक्षण और नवाचार के लिए सीड मनी देने का प्रावधान बजट में किया जाएगा। शिक्षकों को पीएचडी व पोस्ट डोक्टोरल फेलोशिप के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की किताबें हिंदी में लिखने काम शुरू किया जाएगा। कोर्स से संबंधित किताबों के प्रकाशन के लिए विवि में प्रेस की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
प्रो. मिश्रा ने कहा कि रूरल व एग्रो इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए सभी संस्थानों को गांव गोद लेने की अनिवार्यता की जाएगी। साथ ही ग्रामीण अंचलों में अनिवार्य रूप से उद्यमिता विकास के लिए काम करने के लिए संस्थानों को प्रेरित किया जाएगा। वीसी ने कैंपस में वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए भी कार्य होगा। इस अवसर पर विवि के निदेशक आईक्यूएसी प्रो. मनीष गौड़ ने नैक के आवेदन की तैयारियों पर एक प्रस्तुतीकरण दिया।
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समय से काम पूरा करें संस्थान
कुलपति ने शासन व एकेटीयू की दीनदयाल उपाध्याय गुणवत्ता सुधार योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा भी की। इसमें उन्होंने योजना से संबंधित सभी शासकीय संस्थानों के निदेशकों व प्रदेश के दो अन्य प्राविधिक विश्वविद्यालयों के नोडल अधिकारियों को समय से काम पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जुलाई 2022 में योजना की अवधि पूरी हो रही है। इससे पहले योजना के अंतर्गत चल रहे सभी कामों को पूरा कराया जाए।
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उन्होंने कहा कि विवि गैर शासकीय अनुदानों को प्राप्त करने के लिए भी काम करेगा। साथ ही शिक्षकों को शोध, शिक्षण और नवाचार के लिए सीड मनी देने का प्रावधान बजट में किया जाएगा। शिक्षकों को पीएचडी व पोस्ट डोक्टोरल फेलोशिप के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की किताबें हिंदी में लिखने काम शुरू किया जाएगा। कोर्स से संबंधित किताबों के प्रकाशन के लिए विवि में प्रेस की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
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प्रो. मिश्रा ने कहा कि रूरल व एग्रो इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए सभी संस्थानों को गांव गोद लेने की अनिवार्यता की जाएगी। साथ ही ग्रामीण अंचलों में अनिवार्य रूप से उद्यमिता विकास के लिए काम करने के लिए संस्थानों को प्रेरित किया जाएगा। वीसी ने कैंपस में वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए भी कार्य होगा। इस अवसर पर विवि के निदेशक आईक्यूएसी प्रो. मनीष गौड़ ने नैक के आवेदन की तैयारियों पर एक प्रस्तुतीकरण दिया।
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समय से काम पूरा करें संस्थान
कुलपति ने शासन व एकेटीयू की दीनदयाल उपाध्याय गुणवत्ता सुधार योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा भी की। इसमें उन्होंने योजना से संबंधित सभी शासकीय संस्थानों के निदेशकों व प्रदेश के दो अन्य प्राविधिक विश्वविद्यालयों के नोडल अधिकारियों को समय से काम पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जुलाई 2022 में योजना की अवधि पूरी हो रही है। इससे पहले योजना के अंतर्गत चल रहे सभी कामों को पूरा कराया जाए।