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एकेटीयू: चार महीने में आ रहे सेमेस्टर परीक्षा परिणाम, छात्र परेशान
Fri, 05 Dec 2025 01:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 05 Dec 2025 01:10 AM IST
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लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में परीक्षा विभाग की पटरी से उतरी गाड़ी ट्रैक पर नहीं आ पा रही है। हालत यह है कि विश्वविद्यालय में परीक्षाओं के परिणाम चार-चार महीने में आ रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर फाइनल ईयर के छात्रों को ज्यादा समस्या हो रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सम सेमेस्टर दूसरे चरण की विभिन्न कोर्स की परीक्षाएं दो से 29 जुलाई के बीच आयोजित की गई थीं। किंतु इनका परिणाम जारी करने में काफी समय लगा। कुछ प्रमुख कोर्स बीटेक व बीफार्मा आदि के परिणाम तीन महीने में तो बीडेस, बीवॉक, एमआर्क, बीबीए, बीसीए आदि कोर्स के कोर्स अभी लगभग चार महीने बाद जारी किए गए हैं।
यह स्थिति तब है जब विश्वविद्यालय में डिजिटल मूल्यांकन की व्यवस्था लागू है। इसे लेकर छात्र काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि जब तक परिणाम नहीं आता है, तब तक ऊहापोह की स्थिति बनी रहती है। फाइनल ईयर के छात्रों को समय से परिणाम न आने पर प्लेसमेंट आदि में काफी दिक्कत आती है। इसका असर अब अगले सेमेस्टर की परीक्षाओं पर भी पड़ रहा है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल ही में कार्यक्रम जारी किया है कि अगली परीक्षाएं 23 दिसंबर से होंगी। इसे दिसंबर के शुरुआत में ही शुरू हो जाना चाहिए था। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि प्रमुख विषयों का परिणाम समय से आ गया था। कुछ छोटे विषयों में ही दिक्कत थी। इसे भी और जल्द जारी करने का निर्देश दिया गया है। सत्र नियमित करने के सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
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विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सम सेमेस्टर दूसरे चरण की विभिन्न कोर्स की परीक्षाएं दो से 29 जुलाई के बीच आयोजित की गई थीं। किंतु इनका परिणाम जारी करने में काफी समय लगा। कुछ प्रमुख कोर्स बीटेक व बीफार्मा आदि के परिणाम तीन महीने में तो बीडेस, बीवॉक, एमआर्क, बीबीए, बीसीए आदि कोर्स के कोर्स अभी लगभग चार महीने बाद जारी किए गए हैं।
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यह स्थिति तब है जब विश्वविद्यालय में डिजिटल मूल्यांकन की व्यवस्था लागू है। इसे लेकर छात्र काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि जब तक परिणाम नहीं आता है, तब तक ऊहापोह की स्थिति बनी रहती है। फाइनल ईयर के छात्रों को समय से परिणाम न आने पर प्लेसमेंट आदि में काफी दिक्कत आती है। इसका असर अब अगले सेमेस्टर की परीक्षाओं पर भी पड़ रहा है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल ही में कार्यक्रम जारी किया है कि अगली परीक्षाएं 23 दिसंबर से होंगी। इसे दिसंबर के शुरुआत में ही शुरू हो जाना चाहिए था। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि प्रमुख विषयों का परिणाम समय से आ गया था। कुछ छोटे विषयों में ही दिक्कत थी। इसे भी और जल्द जारी करने का निर्देश दिया गया है। सत्र नियमित करने के सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।