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उत्तर प्रदेश, मंहगाई, बेकारी और बिगड़ी कानून व्यवस्था का दूसरा नाम बनता जा रहा: अखिलेश यादव

Wed, 29 Jan 2020 11:39 AM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: अवधेश कुमार Updated Wed, 29 Jan 2020 11:39 AM IST
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Akhilesh yatav attack on bjp over ganga yatra issue
अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, मंहगाई, बेकारी और बिगड़ी कानून व्यवस्था का दूसरा नाम बनता जा रहा है। सीएए के विरोध में जगह-जगह आक्रोश की आग सुलग रही है। भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री को इसकी परवाह नहीं है। सरकार ने ‘गंगा यात्रा’ का नया इवेंट ईजाद कर लिया है। एक केंद्रीय मंत्री ने यात्रा को ‘अर्थ गंगा’ बताकर इसकी पोल खोल दी है। भाजपा गंगा मैया के साथ धोखे का धंधा करने से बाज नहीं आ रही है। गंगा की सफाई को लेकर सरकार गंभीर व ईमानदार नहीं है।
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सपा अध्यक्ष यादव ने मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने पूरे तीन साल तरह-तरह के लोकार्पण महोत्सवों के आयोजनों में ही बिताए। अपना काम तो किया नहीं सिर्फ समाजवादी सरकार के कामों को ही अपना बताते रहे। यह सरकार ‘इवेंट मैनेजमेंट कमेटी’ बन गई है। जिसने अब ‘गंगा यात्रा’ का नया इवेंट शुरू कर दिया है। 
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नमामि गंगे’ के नाम पर गंगा सफाई के लिए खजाना खोल दिया पर, गंगा मैली की मैली ही बनी हुई है। गंगा में नालों का गिरना बंद नहीं हुआ। दिखावे के लिए ही सफाई अभियान चले।
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बजट को इधर-उधर करना

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के 56 मंत्रियों को गंगा यात्रा में लगा दिया। केंद्रीय मंत्री भी लगा दिए। प्रदेश में गंगा की लंबाई 1140 किमी. है लेकिन गंगा यात्रा 1338 किमी. निकाली जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस यात्रा को गंगा की सफाई से जोड़ते  हैं लेकिन इसका असल मकसद आस्था का झूठा प्रदर्शन कर बजट को खुर्द-बुर्द करना है। 

गंगा मैया के नाम पर धोखे का यह धंधा 1985 से चला जो सन् 2000 में बंद हुआ। इस दौरान लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च हुए। सन् 2014 में भाजपा फिर गंगा सफाई में  जुट गई। निर्मल गंगा के लिए कई ने अपनी जानें दे दीं। भाजपा सरकार की संवेदना नहीं जागी।  कई गांव नदी की कटान में उजड़ गए उनको मुआवजा नहीं मिला। 

दबंगों ने कश्यप समाज की गंगा किनारे की जमीनें कब्जा लीं। बिजनौर के देवलगढ़ राजा रामपुर गांव में दो लोग गंगा में डूबकर मर गए। स्थानीय लोग डेढ़ माह तक गंगा में खड़े होकर मृतकों को मुआवजा और गंगा पर पुल की मांग करते रहे। पर, कुछ नहीं हुआ। सरकार को पीड़ितों की मदद को आगे आना चाहिए।
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