अखिलेश ने 'टीपा' मोदी का एक और सुपरहिट फॉर्मूला!
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भले ही यूपी में सपा की सरकार हो लेकिन काम मोदी की शैली में ही हो रहे हैं। इस बार तो अखिलेश ने मोदी का एक फॉर्मूला ही यूपी में लागू कर दिया। पीएम मोदी ने अमेरिका और आस्ट्रेलिया में एनआरआई को संबोधित कर भारत के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की तो यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी पीछे नहीं रहे।
मुख्यमंत्री अखिलेश ने रविवार को यूपी मूल के अप्रवासी भारतीयों से सीधा और गहरा नाता जोड़ने के लिए यूपी-एनआरआई वेबसाइट का शुभारंभ किया। उन्होंने विभाग की दिग्दर्शिका का भी विमोचन किया। एनआरआई इस वेबसाइट के जरिये सरकार तक अपनी समस्याएं पहुंचा सकते हैं। अफसर समस्याओं का समाधान कर उन्हें बताएंगे।
मुख्यमंत्री ने यहां यूपी-एनआरआई कार्ड देने की शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में हर साल यूपी-एनआरआई दिवस मनाने और यूपी मूल के एनआरआई को सम्मानित करने का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के लोग कहीं भी रहें, वे हिंदुस्तानी ही कहे जाएंगे। वे अपने मूल से दूर होने के बावजूद गहरा रिश्ता रखते हैं। दिल-दिमाग व भावना से जुड़े हुए हैं। कई लोग अपने गांव व समाज में कुछ करना चाहते हैं। एनआरआई ने देश का सम्मान बढ़ाया है। प्रदेश सरकार भी उन्हें सम्मानित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एनआरआई की हर समस्याओं का समाधान कराएगी और प्रदेश के विकास में भूमिका निभाने पर हर संभव मदद देगी।
राजधानी में चोरी की खबर एनआरआई से मिली
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि अपनी प्रतिभा, कौशल व प्रतिबद्धता से भारतीयों ने पूरी दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। सरकार उनसे पूंजी निवेश के लिए तो आग्रह किया करेगी ही, उनके घर-परिवार की समस्याएं भी सुलझाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि 17 जनवरी 2015 को पहला यूपी-एनआरआई-डे आगरा में मनाया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश-प्रवासी भारतीय सम्मान भी देंगे। यह सम्मान प्रदेश मूल के उन अप्रवासियों को मिलेगा जो अपने किसी विशिष्ट क्षेत्र अथवा व्यवसाय में असाधारण योगदान कर रहे होंगे।
मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि उन्हें राजधानी में हुई एक चोरी की जानकारी अपने लोगों से नहीं बल्कि अमेरिका में रहने वाले एनआरआई से मिली। पूरा प्रयास कर काफी हद तक उसकी समस्या का समाधान कराया गया। इसके अलावा चंदौली में एक कार्यक्रम में एक व्यक्ति अपने को जिंदा साबित करने के लिए परेशान था। उसे ढुंढवाकर समस्या का समाधान कराया।
भेदभाव पर झलका सीएम का दर्द
मुख्यमंत्री ने सीतापुर मूल की प्रिया टंडन व नंदिनी टंडन को पहला यूपी-एनआरआई कार्ड दिया। ये दोनों बहनें कैलिफोर्निया अमेरिका में रहती हैं। प्रिया ने बताया कि उनके नाना ने खैराबाद, सीतापुर में आंख का अस्पताल खोला था।
आज उनकी मां इस अस्पताल को बड़ा रूप देना चाहती हैं। वह इसे मेडिकल इंस्टीट्यूट बनाएंगी। सीएम ने प्रिया की इस योजना में हर तरह के सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री का एक बार फिर यूपी के साथ भेदभाव का दर्द उभर आया। उन्होंने कहा, यहीं एक सज्जन से मिल रहे थे तो उनके कार्ड पर लिखा था एनसीआर दिल्ली का पार्ट है। उन्होंने कहा कि यह भेदभाव है। तमाम लोग ताजमहल को भारत का कहते हैं। सवाल है कि इसे यूपी का कब कहेंगे?
अप्रवासी सम्मेलन यूपी में करने की मांग
एनआरआई विभाग के सलाहकार मधुकर जेटली ने प्रदेश में एनआरआई विभाग बनाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार से प्रयास कर 2016 का अप्रवासी भारतीय सम्मेलन प्रदेश में आयोजित कराने की पहल करें।
राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र वाजपेयी ने मुख्यमंत्री से अप्रवासी भारतीयों की समस्या सुलझाने के लिए काउंसिल ऑफ एनआरआई अफेयर्स के गठन का आग्रह किया। उन्होंने सलाह दी कि यह काउंसिल मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होनी चाहिए।
इससे अप्रवासियों की समस्या का ठीक से समाधान हो सकेगा। इस मौके पर यूपी-एनआरआई वेबसाइट www.upnri.com का शुभारंभ करने के लिए प्रदेश मूल के कई अप्रवासियों ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं भेजी।
उनके संदेश भी यहां सुनाए गए। कार्यक्रम को प्रमुख सचिव एनआरआई विभाग संजीव सरन और विशेष सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास कंचन वर्मा ने भी संबोधित किया।